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छोटी सेविंग्‍स कर सकती हैं बड़ा कमाल, आज ही अपनाइए रेकरिंग डिपॉजिट का रास्ता

इंडिया टीवी पैसा की टीम बता रही है कि रेकरिंग डिपॉजिट और फिक्‍स डिपॉजिट में क्‍या अंतर होता है। और कैसे यह न्‍यूतम जोखिम पर आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

Sachin Chaturvedi @sachinbakul
Published : Jul 13, 2017 08:24 am IST, Updated : Jul 13, 2017 08:24 am IST
छोटी सेविंग्‍स कर सकती हैं बड़ा कमाल, आज ही अपनाइए रेकरिंग डिपॉजिट का रास्ता- India TV Paisa
छोटी सेविंग्‍स कर सकती हैं बड़ा कमाल, आज ही अपनाइए रेकरिंग डिपॉजिट का रास्ता

नई दिल्‍ली। हम सभी अपनी कमाई का थोड़ा बहुत पैसा कहीं न कहीं निवेश करते हैं, लेकिन आपकी ओर से किया गया निवेश या बचत उसी हालत में फायदेमंद होती है, जब वह मौजूदा महंगाई दर को पीछे छोड़ सके। बहुत से लोग अपनी बचत को सेविंग अकाउंट में डालकर यह सोच कर निश्चिंत हो जाते हैं कि उनका पैसा बढ़ रहा है। बल्कि सच बात यह है कि आप नुकसान में हैं। क्‍योंकि बचत खाते की ब्‍याज दर महंगाई दर के मुकाबले कम है। सुरक्षित निवेश के लिए दूसरा जरिया बैंक एफडी है, जिसमें आपको ज्‍यादा इंट्रेस्‍ट तो मिलता है, लेकिन आपको बड़ी राशि एक साथ लंबे समय के लिए लॉकइन करनी पड़ती है। ऐसे में बचत खाते पर दोगुना ब्‍याज हासिल करने का आसान तरीका है रेकरिंग डिपॉजिट। इसमें आप छोटी जमा राशि को हर महीने डिपॉजिट कर एफडी जितना ब्‍याज पा सकते हैं। इंडिया टीवी पैसा की टीम आपको बता रही है कि रेकरिंग डिपॉजिट न्‍यूतम जोखिम पर आपके लिए किस तरह फायदेमंद हो सकता है।

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छोटी सेविंग्‍स पर बड़ा फायदा

रेकरिंग डिपॉजिट आपके अपने बचत खाते को बिना ज्‍यादा मेहनत के आप तेजी से बढ़ता देख सकते हैं। यदि आप नौकरी पेशा हैं तो आप अपने सैलरी अकाउंट के साथ आरडी खाता खोल सकते हैं। वहीं यदि आप सेविंग के लिए अलग खाता मेंटेन करते हैं, तो आप 3,6,9 या 12 महीने या उससे अधिक समय के लिए आरडी शुरू कर सकते हैं। सेविंग अकाउंट के साथ आरडी खोलने पर आपको हर महीने पैसा जमा करने की जरूरत नहीं होती। आपके अकाउंट से ऑटोमैटिक पैसा कट जाता है।

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क्या होता है आरडी और एफडी में अंतर

एफडी के तहत हमें एक साथ एक निश्चित राशि जमा करनी होती है। आप चाहें तो साल भर से कम, या उससे अधिक की एफडी ले सकते हैं। वहीं आरडी में आपको इंट्रेस्‍ट तो एफडी जितना मिलता है। लेकिन आपको एक साथ नहीं बल्कि किश्‍तों में पैसा जमा करना पड़ता है। इससे आप पर एक साथ पैसे का बोझ नहीं पड़ता, वहीं मैच्‍योरिटी पर एफडी जितना ब्‍याज मिलता है। याद रखें कि आरडी पर आपको 10 हजार रुपए से अधिक का ब्‍याज मिलता है, तो इस पर आपको टीडीएस देना होगा।

कैसे शुरू करें रेकरिंग डिपॉजिट

आरडी ऑपनिंग खुद से बेंक जाकर भी खोली जा सकती है और ऑनलाइन के माध्यम से भी की जा सकती है। आरडी सरकारी बैंक से करवाना ज्यादा बेहतर होता है। इसे अपने स्मार्टफोन पर एप के जरिए भी खोला जा सकता है। इसमें खाता खोलते वक्त अवधि तय कर दी जाती है और अवधि के खत्म होने पर ब्याज समेत भुगतान मिल जाता है। आरडी में पेमेंट करने के कई तरीके होते हैं। कुछ बैंक शुरुआत में चेक मांगते हैं और फिर इसके जरिए सेविंग्स अकाउंट से डेबिट किया जाता है। आरडी के ऑनलाइन प्रोसेस में नेट बैंकिंग अकाउंट में लॉग इन करें उसके बाद डिपॉजिट सेक्शन में जाएं। यहां आरडी के लिए अलग अलग जानकारी दें और निवेश की रकम व अवधि भरें इसेक बाद ऑनलाइन पेमेंट हो जाएगा।

कब करना चाहिए निवेश

अगर आप निवेश बिना किसी रिस्क या जोखिम के करना चाहते हैं तो यह विकल्प बेहतर है। यह आपको महज 2 से 3 वर्षों में फाइनेंशियल लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करती है। आरडी के लॉक इन फीचर के मुताबिक शुरुआत से अंत तक एक सामान ब्याज रहता है और डिपॉजिट पर इंटरेस्ट रेट शुरुआत में ही लॉक इन हो जाता है। इसमें ब्याज दरें गिरने से फायदा होता है।

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