1. Hindi News
  2. पैसा
  3. मेरा पैसा
  4. Balanced Funds में करें निवेश, कम जोखिम में मिलेगा बेहतर रिटर्न

Balanced Funds में करें निवेश, कम जोखिम में मिलेगा बेहतर रिटर्न

 Written By: Ankit Tyagi
 Published : Oct 03, 2016 07:30 am IST,  Updated : Oct 03, 2016 07:31 am IST

जो निवेशक कम अवधि यानी तीन साल की अवधि के लिए कम जोखिम उठाते हुए निवेश करना चाहते हैं उनके लिए बाजार में Balanced Funds उपलब्ध हैं।

Best Option: इन म्यूचुअल फंड्स ने 3 साल में दिया 25 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न, अब भी है मौका- India TV Hindi
Best Option: इन म्यूचुअल फंड्स ने 3 साल में दिया 25 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न, अब भी है मौका

नई दिल्‍ली। आज भी पारंपरिक निवेशकों का मानना है कि आम आदमी के लिए निवेश का सबसे अच्‍छा विकल्प सोना, चांदी, रियल एस्टेट और बचत खाते तथा फिक्स्ड डिपॉजिट ही हैं। हालांकि, निवेश वैसे विकल्‍पों में करना ज्यादा अच्छा है जहां आपको महंगाई से बेहतर रिटर्न मिले। इक्विटी लांग टर्म में सबसे बेहतर रिटर्न देते हैं यह बात साबित हो चुकी है और इसमें निवेश करने का सबसे बेहतर जरिया इक्विटी म्यूचुअल फंड है। लेकिन जो निवेशक कम अवधि यानी तीन साल की अवधि के लिए कम जोखिम उठाते हुए निवेश करना चाहते हैं उनके लिए बाजार में Balanced Funds उपलब्ध हैं। अच्‍छे बैलेंस्‍ड फंडों ने बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद पिछले तीन वर्षों में 25 फीसदी से अधिक का रिटर्न दिया है।

यह भी पढ़ें : शेयर बाजार की गिरावट में खरीदें ये म्यूचुअल फंड्स, 3 साल में दिया 20% से ज्यादा रिटर्न

बैलेंस्‍ड फंडों में निवेश की वजह

  • Balanced या Hybrid Funds आपको ग्रोथ के साथ-साथ स्थायित्व की सुविधा भी देते हैं।
  • पिछले तीन साल का प्रदर्शन यह साबित कर देता है कि बाजार के उतार-चढ़ाव के दिनों में बैलेंस्ड फंड निवेशकों का सच्चा साथी है।
  • Balanced Funds की निवेश-संरचना ही इस तरह की होती है कि यह हर परिस्थिति में निवेशकों के काम आते हैं।
  • यह निवेशकों को शेयरों और डेट दोनों में एक साथ निवेश करने की सुविधा देतेे हैंं साथ ही इसमें ग्रोथ एवं डिविडेंड दोनों के विकल्प होते हैं।
  • Balanced Funds वैसे निवेशकों के लिए अच्छेे हैंं जो कम से कम पांच साल के लिए निवेश करना चाहते हैं।
  • उन लोगों के लिए भी यह एक उपयुक्‍त विकल्प है जो इक्विटी और डेट में किए गए अपने निवेश को एक नियमित समयांतराल पर पुनर्संतुलित नहीं कर पाते हैं।

यह भी पढ़ें : इन म्यूूचुअल फंड्स में एक हजार का निवेश ऐसे बना 3 लाख रुपए, आपके पास भी है मौका

Rebalancing की जरूरत नहीं

यहां निवेशकों को इक्विटी और डेट में किए गए निवेश के अनुपात को पुनर्संतुलित करने की जहमत नहीं उठानी पड़ती, यह काम फंड प्रबंधकों का होता है। नियमित तौर पर पुनर्संतुलन किए जाने से बाजार में आए तेजी के दिनों में आप लाभ कमा सकते हैं।

इन Balanced Funds ने तीन साल में दिए बेहतरीन रिटर्न

balanced_fund_IndiaTVPaisa

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Personal Finance से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा