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वित्‍तीय लक्ष्‍यों को हासिल करने के लिए निवेश ही नहीं, अपनी पूंजी को सुरक्षित रखना भी है जरूरी

 Written By: Dharmender Chaudhary
 Published : May 08, 2016 08:13 am IST,  Updated : May 08, 2016 08:18 am IST

आमतौर पर निवेशक बाजार में तेजी के दौरान निवेश करते हैं और लोगों की धारणाओं का अनुसरण करते हुए निवेश करने पर उनका काफी नुकसान होता है।

Secure Investment: वित्‍तीय लक्ष्‍यों को हासिल करने के लिए निवेश ही नहीं, अपनी पूंजी को सुरक्षित रखना भी है जरूरी- India TV Hindi
Secure Investment: वित्‍तीय लक्ष्‍यों को हासिल करने के लिए निवेश ही नहीं, अपनी पूंजी को सुरक्षित रखना भी है जरूरी

नई दिल्‍ली। शेयर बाजार के सबसे बड़े निवेशक वॉरेन बफे का कहना है कि जब सब डर और आशंका के बीच जी रहे हों तब आपको लालची बनना चाहिए और जब सब लालची और अवसरवादी दिखें तब आपको सतर्कता और डर के साथ काम करना चाहिए। किसी सामान्य निवेशक के लिए इस सिद्धांत को व्यवहार में अपनाना बेहद मुश्किल होता है। आमतौर पर निवेशक बाजार में तेजी के दौरान निवेश करते हैं और लोगों की धारणाओं का अनुसरण करते हुए निवेश करने पर उनका काफी नुकसान होता है। इसी वजह से ज्यादातर लोग शेयर बाजार में पूंजी का नुकसान होने के डर से बैंक जमाओं, डाकघर बचत पत्र का विकल्प चुनते हैं। लेकिन लोगों को इसका अंदाजा नहीं होता है कि शेयर बाजार में पूंजी का नुकसान हुए बगैर भी मुनाफा कमाया जा सकता है।

इसके लिए यह जरूरी होगा कि आप इक्विटी, म्युचुअल फंड्स और डाकघर बचत योजनाओं में निवेश करें। मिसाल के तौर पर अगर आपके पास 5-6 सालों में निवेश करने के लिए एक लाख रुपए हैं तो आप किसी ऐसी फिक्स्ड रिटर्न योजना में निवेश कर पूंजी को सुरक्षित रख सकते हैं, जिसके तहत निवेश की अवधि के अंत में आपकी शुरुआती निवेश के बराबर परिपक्वता हो। अगर आपको अपनी पूंजी का कुछ हिस्सा जोखिम में डालने पर ज्यादा दिक्कत नहीं है तो आप इक्विटी/म्यूचुअल फंड्स में आवंटित अनुपात को बढ़ा सकते हैं। आपके जोखिम को कम करने का यह सबसे साधारण तरीका हो सकता है। इस मिसाल के तहत दो योजनाओं-सावधि जमा (एफडी) और राष्‍ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) का इस्तेमाल किया जाता है। व्यवहार में आप किसी भी वित्तीय योजना का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसमें कोई जोखिम की गुंजाइश न हो और तयशुदा अवधि में निश्चित रिटर्न मिले।

सिप विकल्प के साथ ऐसे बढ़ेगी पूंजी 

दूसरा सबसे आसान तरीका है कि पूरी राशि को डाकघर की मासिक आय योजना (पोस्टल एमआईएस) में निवेश करें और इक्विटी डायवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड में सिस्टैमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (सिप) के जरिये महीने में पूंजी का इंतजाम कर सकते हैं। 6 साल की अवधि में 8 फीसदी की ब्याज दर पर 1 लाख रुपए के पोस्टल एमआईएस पर 667 रुपए की मासिक निकासी होगी। परिपक्वता पर इससे आपको 1.05 लाख रुपए मिलेगा। अगर आप 667 रुपए को सिप में निवेश करते हैं तो इससे आपको 12 फीसदी की दर से रिटर्न मिलेगा और 6 सालों के अंत में आपको 69,841 रुपए मिलेंगे। एमआईएस योजना की अवधि के अंत में आपकी मूल राशि बढ़ जाएगी और इस पर आपको 5 फीसदी का बोनस मिलेगा। एमआईएस और सिप की कुल कमाई 174,841 रुपए भी होगी। वरिष्ठ नागरिकों को बैंक जमाओं पर ज्यादा ब्याज मिलता है। अगर बैंक सावधि जमाओं पर 8 फीसदी की दर से ज्यादा रिटर्न देता है तो उन्हें बैंक जमाओं के साथ बेहतर रिटर्न मिल सकता है खासतौर पर अगर वे कम कर वाली श्रेणी में हैं। इसी तरह वरिष्ठ नागरिक 5 साल की वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) से कमाई कर सकते हैं।

डेरीवेटिव

अगर आप निवेश में सतर्कता बरतना चाहते हैं तो आप डेरीवेटिव, शेयरों, सोने और फिक्स्ड रिटर्न वाली योजनाओं को अपना सकते हैं। अगर बाजार में तेजी के रुझान हैं तो एक रणनीति यह हो सकती है कि आप निचले स्तर से बचने के लिए मौजूदा बाजार स्तर पर कॉल की खरीदारी करें और कॉल की बिक्री की जाए। आपको निवेश करते वक्त कुछ बातों पर गौर करना चाहिए। मसलन मुनाफे और नुकसान की गणना करने के साथ ही इसमें ब्रोकर शुल्क और दूसरे कानूनी शुल्क को जरूर शामिल करना चाहिए। अलग-अलग अंडरलाइंग के साथ लॉट के आकार में अंतर हो सकता है। अगर आपने अपने लक्ष्य के मुताबिक मुनाफा बनाना शुरू कर दिया है तो आपको एक साथ ही दोनों पोजीशन को खत्म करना चाहिए।

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