शेयर बाजार में बड़ी गिरावट से म्यूचुअल फंड निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है। 1, 3, 6 महीने की अवधि में लगभग सभी म्यूचुअल फंड ने नकारात्मक रिटर्न दिया है। अगर हम स्मॉल-कैप, मिड-कैप, लार्ज-कैप और अन्य प्रमुख श्रेणियों के 1-वर्ष के औसत रिटर्न को देखें, तो उनमें से अधिकांश को 5% तक भी पहुंचने में संघर्ष करना पड़ा है। हालांकि, इससे डिविडेंड यील्ड वाले म्यूचुअल फंड स्कीम ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। आखिर, डिविडेंड यील्ड वाले ये म्यूचुअल फंड स्कीम आम स्कीम से कैसे अलग और क्यों टूटते बाजार में भी निवेशकों को मिलता है शानदार रिटर्न? आइए जानते हैं।
डिविडेंड म्यूचुअल फंड्स क्या?
डिविडेंड यील्ड म्यूचुअल स्कीम का पैसा उन कंपनियों में निवेश किया जाता है जो रेगुलर डिविडेंड देती है। ये कंपनियां मोटे तौर पर फंडामेंटल रूप से मजबूत होती है, जिसके कारण बाजार में उच्च अस्थिरता के बावजूद इनका प्रदर्शन स्थिर रहता है। इसलिए टूटते बाजार में भी इन कंपनियों के शेयर में बड़ी गिरावट नहीं आती है। साथ ही ये समय-समय पर रेगुलर डिविडेंड देती रहती है। इसके चलते ये टूटते बाजार में भी बेहतर रिटर्न देने में सक्षम होती हैं।
डिविडेंड यील्ड देने वाले टॉप 5 म्यूचुअल फंड्स स्कीम
1. आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल डिविडेंड यील्ड इक्विटी फंड– डायरेक्ट प्लान
5 साल में औसत रिटर्न: 28.85%
2. टेम्पलटन इंडिया इक्विटी इनकम फंड–डायरेक्ट प्लान
5 साल में औसत रिटर्न: 25.74%
3. आदित्य बिड़ला सन लाइफ डिविडेंड यील्ड फंड – डायरेक्ट प्लान
5 साल में औसत रिटर्न: 22.75%
4. एलआईसी एमएफ डिविडेंड यील्ड फंड – डायरेक्ट प्लान
5 साल में औसत रिटर्न: 21.81%
5. यूटीआई डिविडेंड यील्ड फंड – डायरेक्ट प्लान
5 साल में औसत रिटर्न: 21.69%
डिविडेंड यील्ड म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश के लाभ
नियमित आय: अगर आप अपने निवेश से हर साल कुछ पैसे कमाना चाहते हैं, तो ये फंड आपके लिए सही विकल्प हो सकता है।
कम जोखिम: ये फंड आमतौर पर उन कंपनियों में निवेश करते हैं जो पहले से ही स्थापित हैं और स्थिर रिटर्न देती हैं, जिससे निवेश सुरक्षित रहता है।
लंबी अवधि में शानदार रिटर्न: इन फंड में निवेश करने से आपको इक्विटी मार्केट की वृद्धि का लाभ भी मिलता है, जिससे आपकी पूंजी समय के साथ बढ़ती है।
मंदी में बेहतर प्रदर्शन: जब बाजार गिरता है, तब भी ये कंपनियां अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं क्योंकि निवेशक सुरक्षित विकल्प तलाशते हैं।
जोखिम
चूंकि ये फंड इक्विटी में निवेश करते हैं, इसलिए ये बाजार में गिरावट से भी प्रभावित हो सकते हैं।
डिविडेंड की गारंटी नहीं: कंपनियां अपने मुनाफे के आधार पर लाभांश का भुगतान करती हैं, लेकिन हर साल एक ही दर पर लाभांश का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होती है।
कम वृद्धि की संभावना: ये कंपनियां उच्च वृद्धि वाले शेयरों की तुलना में अपेक्षाकृत धीमी गति से बढ़ सकती हैं, जिससे आपके रिटर्न सीमित हो सकते हैं।
किसे निवेश करना चाहिए?
अगर आप रिटायरमेंट के बाद एक स्थिर आय स्रोत चाहते हैं, तो ये फंड एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। अगर आप शेयर बाजार में निवेश करना चाहते हैं, लेकिन बहुत ज़्यादा जोखिम उठाए बिना, तो ये फंड आपके लिए सही हो सकते हैं। अगर आपका 5 से 10 साल के लिए निवेश करना चाहते हैं तो ये फंड आपके लिए उपयुक्त हैं।