मजदूरों को क्लेम उन परिस्थितियों में मिलेगा, जब AQI लगातार पांच दिनों में से कम से कम तीन दिनों के लिए 400 से ऊपर रहता है, इस परिस्थिति को 'स्ट्राइक' के रूप में परिभाषित किया गया है। पॉलिसी में प्रत्येक स्ट्राइक के बीच कम से कम 25 दिनों का अंतर होना चाहिए।
दिल्ली सरकार ने अपने बयान में कहा है कि कंस्ट्रक्शन वर्कर्स समाज के सबसे गरीबतम वर्ग से ताल्लुक रखते हैं और महामारी के दौरान उनपर सबसे ज्यादा बुरी मार पड़ी है।
श्रम मंत्रालय ने भवन एवं अन्य निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों के कल्याण के लिए नि:शुल्क बीमा सुरक्षा, 60 वर्ष की उम्र के बाद प्रति माह हजार रुपए पेंशन, बच्चों के लिए छात्रवृत्ति और चिकित्सकीय खर्च वहन करने का प्रस्ताव दिया है।
पिछले चार साल के दौरान प्रतिदिन 550 नौकरियां 'गायब' हुई हैं। यदि यही रुख जारी रहा तो 2050 तक देश में 70 लाख रोजगार समाप्त हो जाएंगे।
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