पीएम-विद्यालक्ष्मी एजुकेशन लोन में ब्याज दर आम शिक्षा ऋण के मुकाबले कम है। लोन चुकाने की अवधि 15 साल है।
बैंक के इस फैसले के बाद यह लोन उन उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध है जो भारत भर में 860 चिन्हित गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा संस्थानों (क्यूएचईआई) में मेरिट के आधार पर प्रवेश हासिल करते हैं।
क्रेडिट स्कोर नहीं होने वाले छात्र ज्वाइंट लोन या कोलेट्रल लोन पर विचार कर सकते हैं। अच्छे क्रेडिट हिस्ट्री वाले के साथ ज्वाइंट एजुकेशन लोन के लिए अप्लाई कर आसानी से लोन लिया जा सकता है।
Education Loan: कोर्स पूरा होने के 1 साल बाद तक एजुकेशन लोन में रिपेमेंट की जरूरत नहीं होती है। कुछ कर्जदाता विदेश में पढ़ाई के लिए वीजा मिलने से पहले ही कर्ज का कुछ अमाउंट दे देते हैं।
Education Loan में लचीली पुनर्भुगतान अवधि होती है। आप 15 साल की अवधि तक भी अपना लोन चुका सकते हैं।
पहला 'अदानी GEMS स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में लखनऊ में आएगा। अदानी-जीईएमएस स्कूलों को वैश्विक पाठ्यक्रम और सर्वश्रेष्ठ भारतीय अध्ययन बोर्डों से लाभ मिलेगा।
Education Loan: कोर्स पूरा होने के 1 साल बाद तक एजुकेशन लोन में रिपेमेंट की जरूरत नहीं होती है। कुछ कर्जदाता विदेश में पढ़ाई के लिए वीजा मिलने से पहले ही कर्ज का कुछ अमाउंट दे देते हैं।
एजुकेशन लोन लेते समय फीस, हॉस्टल फीस, लैपटॉप और किताब-कॉपी के खर्चों को जरूर जोड़ें। जुकेशन लोन लेते हैं तो पढ़ाई खत्म होने के 1 साल बाद लोन चुकाना शुरू कर दें।
हायर एजुकेशन करने की सोच रहे छात्रों के लिए अब पैसा बाधा नहीं बनेगी। केंद्र सरकार ने पीएम विद्यालक्ष्मी स्कीम शुरू की है। इस स्कीम के तहत आसानी से पढ़ाई खर्च के लिए बैंक लोन देंगे।
योजना के तहत 7.5 लाख रुपये तक के लोन अमाउंट के लिए छात्र बकाया डिफॉल्ट के 75% की क्रेडिट गारंटी के लिए भी पात्र होगा। इससे बैंकों को योजना के तहत छात्रों को एजुकेशन लोन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसी सप्ताह मंगलवार को पेश बजट में मॉडल कौशल ऋण योजना को संशोधित रूप में पेश किये जाने की घोषणा की थी। इस उपाय से हर साल 25,000 छात्रों को मदद मिलने की उम्मीद है।
Budget 2024 : नीति आयोग के अनुसार भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर बाजार आकार तक पहुंचने का अनुमान है। रियल एस्टेट सेक्टर आगामी बजट में अनुकूल उपायों की उम्मीद कर रहा है।
आज अंतरिम बजट में यूजीसी का 60 प्रतिशत से अधिक बजट कम कर दिया गया है। वहीं, इस बार स्कूली शिक्षा के बजट क बढ़ा दिया गया है।
देश का आम बजट जल्द ही आने वाला है, वहीं इस आम बजट से सब लोग उम्मीदें लगाये बैठे हैं। शिक्षा क्षेत्र भी बड़ी उम्मीद के साथ बजट की ओर देख रहा है, वहीं आज हम आपको पिछले 4 वर्षों के एजुकेशन बजट के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देने वाले हैं।
बीते सालों में कोविड की वजह से सबसे ज्यादा शैक्षणिक जगत प्रभावित हुआ है, जहां स्कूल बंद होने से शिक्षक, छात्र, संस्थान आदि बुरी तरह प्रभावित हुये हैं। दूसरी ओर 1 फरवरी, 2023 को आगामी बजट प्रस्तुत किया जा रहा है, जहां शिक्षा जगत की उम्मीदें टिकी हुई हैं।
Education Loan vs Saving: आप स्टूडेंट हैं या पैरेंट्स। खुद की शिक्षा या फिर अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए बेहतर एजुकेशन की चाहत आपके अंदर जरूर होगी। ऐसे में अगर आप ये सोच रहे हैं कि अपना सेविंग खर्च कर के बजाय लोन लेना सही है या नहीं, तो आपके इसी सवालों के जवाब को इस खबर में देने जा रहा हूं।
जून 2022 में प्रकाशित इस पत्र में कहा गया कि भारत में करीब 90 फीसदी शिक्षा ऋण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक देते हैं।
Education loan: कई बार सही समय पर पैसे के प्रबंध नहीं होने के चलते अच्छे स्टूंडेट्स (Students) एवरेज बनकर रह जाते हैं। एजुकेशन लोन (Education loan) आपकी शिक्षा में खर्च होने वाली रकम को पूरा करता है, जिसे बाद में आप नौकरी करने के साथ जमा कर देते हैं।
एडवरटाइजिंग स्टैंडर्ड काउंसिल ऑफ इंडिया (एएससीआई) की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि शिक्षा क्षेत्र की इकाइयां 2021-22 में विज्ञापन संहिता का उल्लंघन करने में सबसे आगे थी।
अगर आपने भी हायर एजुकेशन के लिए लोन लिया है तो आपको उसका भुगतान करने से पहले कई बातों का ध्यान रखना चाहिए।
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