ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने समीक्षा के बाद नई कीमतें 1 दिसंबर से लागू कर दी हैं। हालांकि, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कंपनियों ने किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है।
तेल कंपनियों ने महीने की शुरुआत होते ही एक खास वर्ग के उपभोक्ताओं को झटका दे दिया है। अब आज से बढ़ी कीमत पर सिलेंडर लेना होगा। हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं पर किसी तरह का भार नहीं दिया गया है।
व्यापार युद्ध के मोर्चे पर वृद्धि ने वैश्विक मांग की चिंताओं को बढ़ा दिया है, जिससे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ गया है। ओपेक+ द्वारा अप्रैल से उत्पादन बढ़ाने की बात कहने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई।
14. 2 किलोग्राम के सिलेंडर पर लगभग 240 रुपये की अंडर-रिकवरी (या घाटा) है, जिसे राज्य के स्वामित्व वाले ईंधन खुदरा विक्रेता घरेलू परिवारों को 803 रुपये की मौजूदा कीमत पर बेचते हैं।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक आदेश में कहा कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने आईओसी के कार्यकारी निदेशक अरविंदर सिंह साहनी को आईओसी के चेयरमैन के पद पर पांच साल की अवधि के लिए नियुक्त करने के इस मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
सरकार ने चालू वित्त वर्ष के बजट में पब्लिक सेक्टर की कंपनियों से डिविडेंड के रूप में 56,260 करोड़ रुपये प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। ये वित्त वर्ष 2023-24 में मिले 50,000 करोड़ रुपये के डिविडेंड से 6260 करोड़ रुपये ज्यादा है।
चालू वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में स्वतंत्र निदेशकों की अपेक्षित संख्या या अनिवार्य महिला निदेशकों के नहीं होने से बीएसई और एनएसई ने जुर्माना लगाया है।
इन कंपनियों द्वारा शेयर बाजारों को भेजी सूचना के अनुसार, आईओसी को अप्रैल-जून में एलपीजी की लागत से कम दाम पर बिक्री से 5,156.23 करोड़ रुपये, बीपीसीएल को 2,015.10 करोड़ रुपये और एचपीसीएल को 2,443.71 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
अप्रैल, 2023 से मार्च, 2024 के दौरान आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल का सामूहिक रूप से शुद्ध लाभ तेल संकट से पहले के वर्षों में उनकी 39,356 करोड़ रुपये की वार्षिक कमाई से बेहतर रहा है।
ईंधन बाजार को नियंत्रित करने वाली तीनों कंपनियों ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में ‘स्वेच्छा से’ लगभग दो साल से कोई बदलाव नहीं किया है।
ओएनजीसी की अनुषंगी कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) वित्त वर्ष 2024-25 में 12,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जो पिछले वित्त वर्ष के 12,000 करोड़ रुपये के आंकड़े से कुछ अधिक है।
आपको बता दें कि रिलायंस और बीपी की ओर से आयोजित नीलामी में कुल 38 सफल बोलीदाताओं ने गैस हासिल की है। इस नीलामी में गैस खपत वाले सभी क्षेत्रों- उर्वरक, शहरी गैस वितरण, रिफाइनरी और ‘एग्रीगेटर्स’ ने शिरकत की।
आपको बता दें कि भारत करीब 40 सालों बाद इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी के सत्र की मेजबानी करने जा रहा है। यह सत्र मुंबई में 15 अक्टूबर से 17 अक्टूबर में आयोजित होगा। यह अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के 141वां सत्र होगा। थॉमस बाच को नीता अंबानी ने खुद अपने हाथों से आरती उताकर स्वागत किया। इसके बाद बाच मुकेश अंबानी से भी मिले।
तेल कंपनियों- इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल का बाजार मार्जिन काफी कमजोर हो गया है।
IOC Share: इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन बाजार से पैसा जुटाने की तैयारी में दिख रही है। कंपनी ने बाजार को दी सूचना में कहा है कि वह राइट इश्यू कर 22 हजार करोड़ रुपये कलेक्ट करेगी।
तेल शोधन और विपणन कंपनी ने इस मात्रा के लिए बोली सात उर्वरक संयंत्रों की ओर से लगाई थी। रिलायंस-बीपी की पिछली पूर्वी अपतटीय केजी-डी6 ब्लॉक की गैस की नीलामी में भी आईओसी ने सबसे ज्यादा गैस के लिए बोली लगाई थी।
इस सोलर स्टोव में दो यूनिट मौजूद हैं। एक यूनिट को आप किचन में फिट कर सकते हैं जबकि दूसरे यूनिट को धूप में रखना होगा। इस स्टोव को इंडियन ऑयल के अनुसंधान एवं विकास केंद्र फरीदाबाद ने तैयार किया है। कंपनी का कहना है कि यह सोलर स्टोव एक मॉड्यूलर सिस्टम है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के अनुसार, पेट्रोलियम कंपनियों को घाटा उत्पादन लागत बढ़ने से हुआ है।
ईवी चार्जिंग स्टेशनों का एक मजबूत नेटवर्क बनाने और रेंज की चिंता को कम करने में मदद मिलेगी। इस पहल से लोगों को ईवी अपनाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित किया जा सकेगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम में गिरावट आने से भारतीय ईंधन वितरक कंपनियां पेट्रोल और रसोई गैस में अपनी लागत की भरपाई करने की स्थिति में पहुंच गई हैं लेकिन डीजल की बिक्री पर उन्हें अब भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
लेटेस्ट न्यूज़