वित्त मंत्रालय ने भी कॉरपोरेट शासन की सर्वोत्तम प्रथाओं को बनाए रखने के महत्व पर जोर देते हुए बैंकों और बीमा कंपनियों को ग्राहकों को बीमा पॉलिसियों की 'गलत-बिक्री' के प्रति बार-बार आगाह किया है।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में भाग लेने वाले बैंक या डाकघर इस योजना के मास्टर पॉलिसीधारक हैं। 18 से 50 वर्ष की आयु के सभी व्यक्तिगत (सिंगल या ज्वाइंट) खाताधारक इस योजना में शामिल होने के पात्र हैं।
इंडिविजुअल लाइफ इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स पर माल एवं सेवा कर (GST) में हालिया कटौती ने इंश्योरेंस कंपनियों की समग्र वृद्धि गति को बनाए रखने में मदद की है।
चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी की नेट प्रीमियम इनकम बढ़कर 1,26,479 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 1,19,901 करोड़ रुपये थी।
वित्त मंत्री ने इस साल के बजट भाषण में, नई पीढ़ी के वित्तीय क्षेत्र सुधारों के तहत बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा को मौजूदा के 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा था।
जीएसटी हटने के बाद आपकी अच्छी खासी रकम बचने वाली है। 22 सितंबर से अब जो भी निजी लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी रिन्यु होगी, लोगों को जीएसटी की रकम नहीं चुकानी होगी। इससे बड़ी राहत मिलेगी।
जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में हुए इस फैसले से प्रीमियम में कटौती होगी जिससे बिक्री में बढ़ोतरी संभव होगा। इससे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा।
एलआईसी बीमा सखी का उद्देश्य महिलाओं को एलआईसी एजेंट के रूप में भर्ती और प्रशिक्षित करना है, जिससे उन्हें आय अर्जित करने में मदद मिलेगी।
गारंटीड इनकम प्लान कई लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए उपयुक्त हो सकते हैं, जैसे रिटायरमेंट, घर या संपत्ति खरीदना और बच्चों के लिए कॉलेज फंड स्थापित करना आदि।
एलआईसी ने कहा कि मृत्यु प्रमाण पत्र (डेथ सर्टिफिकेट) के बदले, विमान दुर्घटना के कारण पॉलिसीधारक की मृत्यु के सरकारी रिकॉर्ड में कोई भी सबूत या केंद्र/राज्य सरकार/एयरलाइन अधिकारियों द्वारा पेमेंट किया गया कोई भी मुआवजा मृत्यु के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
वित्त वर्ष 2024-25 में एसबीआई ने कुल 70,901 करोड़ रुपये का प्रॉफिट कमाया, जबकि एलआईसी ने 48,151 करोड़ रुपये का प्रॉफिट कमाया।
LIC Share Price: भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का शेयर लंबे समय से निवेशकों को निराश ही करता रहा है। कंपनी के ताजा नतीजों के बाद निवेशकों की उम्मीद बढ़ी है।
देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी एलआईसी पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में भी कदम रखने की संभावनाएं तलाश रही है। एलआईसी के मुखिया ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा, ‘‘स्वास्थ्य बीमा कारोबार में शामिल होना एलआईसी के लिए स्वाभाविक विकल्प है और चर्चा अंतिम चरण में है।’’
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नॉमिनी प्रावधान से संबंधित इंश्योरेंस एक्ट, 1938 के सेक्शन 39 हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 जैसे व्यक्तिगत उत्तराधिकार कानूनों को निष्प्रभावी नहीं करती है। जस्टिस अनंत रामनाथ हेगड़े ने नीलव्वा उर्फ नीलम्मा बनाम चंद्रव्वा उर्फ चंद्रकला उर्फ हेमा और अन्य के मामले में ये फैसला सुनाया है।
डिमांड नोटिस में कहा गया है कि मांग का वित्तीय प्रभाव जीएसटी (242.23 करोड़ रुपये), ब्याज (213.43 करोड़ रुपये) और जुर्माना (24.22 करोड़ रुपये) के बराबर है।
UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) वन टाइम मैंडेट (ओटीएम) सुविधा यूजर्स को विशिष्ट लेनदेन के लिए अपने बैंक खातों में धनराशि को ‘ब्लॉक’ करने की अनुमति देती है। इस व्यवस्था में वास्तविक भुगतान किए बिना पैसों की उपलब्धता सुनिश्चित होती है।
जीएसटी मांग नोटिस 2017-18 और 2021-22 के बीच पांच वित्तीय वर्षों से संबंधित है। मांग का वित्तीय प्रभाव जीएसटी, ब्याज और जुर्माने की सीमा तक है।
एलआईसी की एनएमडीसी के वोटिंग अधिकार वाले इक्विटी शेयरों में हिस्सेदारी 22,31,79,025 शेयरों से घटकर 16,40,59,791 शेयर रह गई है, जो कुल वोटिंग पूंजी का 7.6 प्रतिशत है।
इस इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत गंभीर बीमारियों जैसे गर्भाशय ग्रीवा, गर्भाशय कैंसर और हृदय रोग आदि पता चलने पर हेल्थ कवर का 100 प्रतिशत तक का तत्काल भुगतान ऑफर किया जाता है।
एलआईसी बीमा सखी योजना के तहत किसी व्यक्ति की नियुक्ति को निगम के कर्मचारी के रूप में वेतनभोगी नियुक्ति नहीं माना जाएगा। मौजूदा एलआईसी एजेंट या कर्मचारी के रिश्तेदार एलआईसी बीमा सखी के रूप में भर्ती होने के पात्र नहीं होंगे।
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