सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझान, डॉलर की चाल और घरेलू मांग के आधार पर समय-समय पर बदलती रहती हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ताजा कीमत की जानकारी लेना जरूरी होता है।
शेयर बाजार एक्सचेंजों द्वारा तय की गई होली की छुट्टी की तारीख को लेकर निवेशकों ने सवाल उठाए हैं। दरअसल, मंगलवार को पूर्ण चंद्र ग्रहण होने की वजह से भारत में ज्यादातर जगहों पर 4 मार्च को होली (रंगों वाली) मनाई जाएगी।
फरवरी में सोने ने लगातार सातवें महीने लाभ दर्ज किया, जो 1973 के बाद से सबसे लंबी वृद्धि की सीरीज है। मौजूदा वैश्विक हालात में दोनों की कीमतों में तेजी का रुझान देखने को मिल सकता है।
वैश्विक व्यापार तनाव और भू-राजनीतिक घटनाओं ने सोने को सपोर्ट दिया, लेकिन फेड की नीति स्थिर रहने के संकेतों ने तेजी को सीमित रखा।
सोमवार को MCX पर, 5 मार्च की डिलीवरी वाली चांदी का भाव 15,931 रुपये की तेजी के साथ 2,68,875 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया था।
दुनिया में डिमांड, करेंसी में उतार-चढ़ाव और इंडस्ट्रियल इस्तेमाल, ये तीन ऐसी ताकतें हैं जिन्होंने चांदी को सोने के साथ एक दिलचस्प इन्वेस्टमेंट बनाने के लिए मजबूर किया है।
सोने और चांदी की कीमत सातवें आसमान पर हैं। रिकॉर्ड हाई के बाद बीते दो-तीन सत्रों से इसमें गिरावट देखी जा रही है।
रिकॉर्ड हाई से चांदी की कीमत गिरकर करीब 2.9 लाख रुपये प्रति किलो के लेवल पर है, जबकि सोना 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया है। जानकारों का मानना है कि इन दोनों बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव अभी और देखने को मिल सकते हैं।
सरकार की तरफ से हर साल 1 फरवरी को बजट पेश करना तय है, दिन चाहे कोई हो। इसी हिसाब से शेयर बाजार भी ट्रेडिंग को लेकर फैसला लेते हैं। हालांकि,ऐसा इतिहास में यह दूसरी बार होने जा रहा है जब बजट के दिन रविवार है।
कई महीनों की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट के साथ सोने और चांदी का जोश ठंडा पड़ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना सहित अन्य कीमती धातुओं में भारी बिकवाली देखी गई।
जानकारों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहन, सौर ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों से 2025-2030 के बीच चांदी की मांग में 15-20% की वृद्धि होने की उम्मीद है।
वर्ष की शुरुआत से अब तक सोने की कीमतों में करीब 20 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि चांदी की कीमतें लगभग 60 फीसदी उछल चुकी हैं।
सोने का भाव ग्लोबल मार्केट में भी नया रिकॉर्ड बना गया है। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अस्थिरता के चलते निवेशक सोने का रुख कर रहे हैं। आने वाले दिनों में भी इसमें तेजी के आसार हैं।
वैश्विक संकेतों और भू-राजनीतिक तनाव ने सोने और चांदी की कीमतों को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में इसमें और भी तेजी देखने को मिल सकती है।
वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितता के चलते निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाकर सोना जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं की मांग बढ़ गई है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बुधवार को सोने की कीमतें 4,630 डॉलर प्रति औंस से ऊपर पहुंच गईं, जिससे एक नया रिकॉर्ड है। आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक तनाव आर वैश्विक उथल-पुथल से सोने और चांदी दोनों की कीमत को सपोर्ट मिलने की संभावना है।
फेडरल रिज़र्व को लेकर बनी अनिश्चितता और ईरान में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते सेफ-हेवन डिमांड में इज़ाफ़ा हुआ, जिससे सोने की कीमतों को समर्थन मिला। आने वाले समय में भी बहुमू्ल्य धातु की कीमत में उछाल देखने को मिल सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता और राजनीतिक हस्तक्षेप की आशंकाओं के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर सोने की ओर रुख कर रहे हैं। इस वजह से इन धातुओं को सपोर्ट जारी है।
वायदा बाजार में सोने के भाव में हाल के दिनों में लगातार तेजी का रुझान देखा गया है। चांदी तो और भी तेजी से लगातार नए रिकॉर्ड बनाती देखी जा रही है। जानकारों का मानना है कि इस साल भी दोनों धातुओं में तेजी का रुख देखने को मिल सकता है।
जानकारों का मानना है कि डॉलर में कमजोरी और US ट्रेजरी यील्ड में नरमी के कारण स्पॉट गोल्ड में पॉजिटिव रुझान के साथ ट्रेड होने और $4500 के लेवल तक बढ़ने की संभावना है।
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