सत्ता में काबिज रही कांग्रेस ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। बीजेपी के जीत की ओर बढ़ने के मद्देनजर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चुनाव परिणामों को "अप्रत्याशित" बताते हुए कहा कि वह इसे विनम्रतापूर्वक स्वीकार करते हैं। अशोक गहलोत ने कहा कि जनता का जो फैसला आ रहा है, हम उसे स्वीकार करेंगे। जो नई सरकार बनेगी हम उन्हें बधाई देंगे। जो नतीजे आए हैं वह चौंकाने वाले हैं।
Related Stories
अशोक गहलोत ने कहा, "मैं जन सेवक हूं, मैं अंतिम सांस तक मैं प्रदेश वासियों की सेवा करूंगा। चुनाव में राहुल गांधी, खरगे जी सभी ने चुनाव में कोई कमी नहीं रखी। मैं कार्यकर्ताओं से कहना चाहूंगा चुनाव में हार और जीत होती रहती है, कई कारण बन जाते हैं।"
"जनादेश को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करते हैं"
उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "राजस्थान की जनता द्वारा दिए गए जनादेश को हम विनम्रतापूर्वक स्वीकार करते हैं। यह सभी के लिए एक अप्रत्याशित परिणाम है। यह हार दिखाती है कि हम अपनी योजनाओं, कानूनों और नवाचारों को जनता तक पहुंचाने में पूरी तरह कामयाब नहीं रहे। मैं नई सरकार को शुभकामनाएं देता हूं। मेरी उनको सलाह है कि हम काम करने के बावजूद कामयाब नहीं हुए इसका मतलब ये नहीं कि वो सरकार में आने के बाद काम ही ना करें। OPS, चिरंजीवी सहित तमाम योजनाएं एवं जो विकास की रफ्तार इन पांच सालों में राजस्थान को हमने दी है वो इसे आगे बढ़ाएं। मैं सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने इस चुनाव में पूरी मेहनत की एवं सभी मतदाताओं का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने हमारे ऊपर विश्वास किया। "
सरदारपुरा सीट से जीत की ओर गहलोत
वहीं, राजस्थान की सरदारपुरा विधानसभा सीट से अशोक गहलोत 26396 वोटों से आगे चल रहे हैं। गहलोत 6 बार सरदारपुरा से विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। उन्होंने पहली बार 1977 में यहां से जीत हासिल की थी। इस बार बीजेपी ने अशोक गहलोत के खिलाफ महेंद्र सिंह राठौड़ को चुनावी मैदान में उतारा है।