Friday, December 05, 2025
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Budh Vakri Rashifal: बुध 9 नवंबर से चलेंगे वक्री चाल, जानें किन राशियों की बढ़ेंगी परेशानियां, कौन होगा मालामाल

Budh Vakri Rashifal: बुध ग्रह 9 नवंबर को वृश्चिक राशि में वक्री गोचर करेंगे। बुध का वक्री गोचर किन राशियों के लिए शुभ साबित होगा और किन राशियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, आइए जानते हैं।

Written By : Acharya Indu Prakash Edited By : Naveen Khantwal Published : Nov 08, 2025 12:52 pm IST, Updated : Nov 08, 2025 12:52 pm IST
Budh Vakri 2025- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV बुध वक्री 2025

Budh Vakri 2025: बुध ग्रह 9 नवंबर को वक्रगति से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। 9 नवंबर की रात 12 बजकर 29 मिनट पर वृश्चिक राशि में बुध का यह वक्री गोचर होगा। इसके बाद 29 नवम्बर कि रात 11 बजकर 7 मिनट पर वृश्चिक में मार्गी हो जयेंगे। यूनानी ज्योतिष के अनुसार बुध ग्रह को वनस्पतियों का राजा कहा जाता है, इसका स्वामी बृहस्पति है। बुध का सीधा प्रभाव दिमाग के कार्यों में और बिज़नेस पर पड़ता है। हमारे शरीर में मुख्य रूप से गले और कन्धों में इसका प्रभाव रहता है।

सूर्य, शुक्र और राहु- बुध के मित्र हैं और चन्द्रमा इसका शत्रु ग्रह है जबकि शनि, केतु, मंगल और गुरु के साथ यह सम है। बुध जब केतु के छठे भाव में रहता है तो शुभ फल देता है। बुध की अशुभ स्थिति होने पर दांत सम्बन्धी समस्या तथा सूंघने की शक्ति कमजोर पड़ जाती है। आइए ऐसे में जान लेते हैं बुध का वक्री किन राशियों के लिए शुभ रहेगा और किसके लिए प्रतिकूल।

मेष राशि

बुध आपके आठवें स्थान पर गोचर करेगा।यह स्थान आयु से संबंध रखता है। बुध के इस गोचर से शुभ फलों की प्राप्ति के लिये आपको थोड़ी अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। धन को संभालकर रखें और अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखें। आपको इस दौरान मकान भी बदलना पड़ सकता है। लिहाजा अशुभ स्थिति से बचने के लिये और शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये- मिट्टी के बर्तन में पिसी हुई शक्कर या शहद भरकर वीराने में दबा दें। 

वृष राशि

बुध आपके सातवें स्थान पर गोचर करेगा। जन्मपत्रिका के सातवें स्थान का सम्बन्ध हमारे जीवनसाथी से है। बुध के इस गोचर से आपको जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। इस दौरान आपको अलग-अलग स्रोतों से धन लाभ होगा। जो लोग दस्तकारी के काम से जुड़े हैं, उन्हें विशेष लाभ होगा। साथ ही अगर आपके ऊपर कोई मुकदमा या केस चल रहा है, तो उसकी दलीलें आपके पक्ष में होंगी। आपकी कलम आपका पूरा साथ देगी। लिहाजा बुध के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये- मां दुर्गा की उपासना करें। अपनी बहन, बुआ को हरे रंग का कुछ गिफ्ट करें।

मिथुन राशि

बुध आपके छठे स्थान पर गोचर करेगा। जन्मपत्रिका के छठे स्थान का सम्बन्ध हमारे मित्र, शत्रु तथा स्वास्थ्य से है। बुध के इस गोचर से मित्रों के साथ आपका बेहतर ताल-मेल बनेगा ।आप दूसरों की मदद करेंगे। कोई भी काम धैर्य से करने पर सफलता मिलेगी। समुद्री यात्राओं के जरिये व्यापार करने वालों की यात्रा भी शुभ फलदायी होगी। शत्रु पक्ष आप पर हावी होने की असफल कोशिश कर सकता है। साथ ही बुध का यह गोचर आपकी वाणी को प्रभावशाली बनायेगा। शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये- किसी शुभ कार्य के लिये घर से बाहर जाते समय कन्या को फूल गिफ्ट करें।

कर्क राशि

बुध आपके पांचवें स्थान पर गोचर करेगा।जन्मपत्रिका के पांचवे स्थान का सम्बन्ध हमारे संतान, बुद्धि, विवेक और रोमांस से है | बुध के इस गोचर से आपकी बौद्धिक क्षमता बढ़ेगी। किसी भी कार्य में आपकी रुचि बढ़ेगी। जीवन में और पढ़ाई में गुरु से पूरा सहयोग मिलेगा। साथ ही संतान का सुख मिलेगा। वहीं जिनके पहले से बच्चे हैं, उनके बच्चों की तरक्की होगी और जीवन में भरपूर रोमांस मिलेगा। लिहाजा बुध के शुभ फल बनाये रखने के लिये- गले में तांबे का पैसा धारण करें ।गाय की सेवा करें। 

सिंह राशि

बुध आपके चौथे स्थान पर गोचर करेगा। जन्मपत्रिका के चौथे स्थान का सम्बन्ध हमारे भवन, भूमि, वाहन तथा माता से है। बुध का यह गोचर आपके साथ-साथ दूसरों के लिये भी शुभ होगा। आपको भूमि-भवन और वाहन का सुख मिलेगा, लेकिन इस बीच अपनी माता के स्वास्थ्य का खास ख्याल रखने की जरूरत है। बुध की अशुभ स्थिति में उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है। लिहाजा बुध के अशुभ फलों से बचने के लिये- ऐसी कोई चीज़ खाएं, जिसमें केसर मिला हो। 

कन्या राशि 

बुध आपके तीसरे स्थान पर गोचर करेगा।जन्मपत्रिका के तीसरे स्थान का सम्बन्ध हमारे पराक्रम, भाई-बहन तथा यश से है। बुध का यह गोचर के प्रभाव से आपको और आपके भाई-बहनों को मेहनत के अनुसार लाभ मिलेगा। आपकी आयु में वृद्धि करेगा और दूसरों के साथ आपके अच्छे तालमेल बनायेगा। इस दौरान आप अपने विचारों को अभिव्यक्त करने की पूरी कोशिश करेंगे। लिहाजा बुध के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये- रात को फिटकरी के नमकीन पानी में हरे मूंग भिगोकर रख दें और सुबह उठकर पशुओं को खिला दें।

तुला राशि

बुध आपके दूसरे स्थान पर गोचर करेगा।जन्मपत्रिका के दूसरे स्थान का सम्बन्ध हमारे धन तथा स्वभाव से है | बुध के इस गोचर से आपके धन कोष में वृद्धि होगी। साथ ही आपके परिवार वालों के लिये भी यह फायदेमंद होगा। आपकी बौद्धिक क्षमता अच्छी होगी और माता से सहयोग मिलेगा। इस दौरान आप अपनी तरह से खुश रहने की कोशिश करेंगे। शत्रुओं पर विजय पाने में कामयाब होंगे। लिहाजा शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये- अगर पहन सकते हैं तो नाक में चांदी पहनें वरन् मिट्टी का खाली घड़ा ढक्कन लगाकर पानी में बहा दें। 

वृश्चिक राशि

बुध आपके पहले स्थान पर, यानि लग्न स्थान पर गोचर करेगा।जन्मपत्रिका में लग्न यानि पहले स्थान का सम्बन्ध हमारे शरीर तथा मुख से है। लग्न स्थान पर बुध के इस गोचर से आपको समाज में भरपूर मान- सम्मान मिलेगा। साथ ही लवमेट के साथ रिश्ते में मजबूती आयेगी और संतान पक्ष को न्यायालय से लाभ मिलेगा। हालांकि बुध का यह गोचर आपको थोड़ा स्वार्थी और शरारती प्रवृत्ति का बना सकता है। लिहाजा बुध के अशुभ फलों से बचने के लिये- अपने किसी भी काम को करने से पहले उसकी दिशा सूची तैयार कर लें, ताकि बाद में आपका ध्यान न भटके। 

धनु राशि

बुध आपके बारहवें स्थान पर गोचर करेगा। जन्मपत्रिका के बारहवें स्थान का सम्बन्ध आपके व्यय तथा शय्या सुख से है। बुध का यह गोचर आपको शैय्या सुख दिलायेगा। समाज में आपका और आपके परिवार का मान- सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ेगी, आपको अपने पैसे सम्भालकर रखने की जरूरत है। किसी भी काम में जल्दबाजी करने से बचें। लिहाजा बुध के अशुभ फलों से बचने के लिये और शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये- भगवान गणेश की उपासना करें और ‘ऊँ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करें।

मकर राशि

बुध आपके ग्यारहवें स्थान पर गोचर करेगा। जन्मपत्रिका के ग्यारहवें स्थान का सम्बन्ध हमारे आय तथा इच्छाओं की पूर्ति से होता है। बुध के इस गोचर से आपकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी। साथ ही यह आपकी सन्तान की तरक्की करायेगा। आपको कुछ नया हुनर सीखने का मौका मिलेगा, लेकिन समय सिर्फ एक बार आता है। इसलिए समय की कीमत को पहचानकर ही आगे बढ़ें। तो बुध के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये- - तांबे का पैसा गले में धारण करें।

कुम्भ राशि

बुध आपके दसवें स्थान पर गोचर करेगा। जन्मपत्रिका के दसवें स्थान का सम्बन्ध हमारे करियर, राज्य तथा पिता से होता है | बुध के इस गोचर से आपको करियर में सफलता मिलेगी।साथ ही आपके पिता की भी तरक्की होगी।नयी चीजों को सिखने का मन करेगा।शस्त्र आदि के काम से जुड़े लोगों को विशेष फायदा होगा। इस दौरान किसी भी चीज़ का लालच करना आप पर भारी पड़ सकता है। साथ ही किसी की मदद का गलत फायदा न उठाएं। लिहाजा बुध के शुभ स्थिति सुनिश्चित करने के लिये- इस दौरान बाहर का खाना-पीना अवॉयड करें। 

मीन राशि

बुध आपके नवें स्थान पर गोचर करेगा। जन्मपत्रिका के नौवें स्थान का सम्बन्ध हमारे भाग्य से होता है। बुध के इस गोचर से आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। आर्थिक लाभ के साथ आयु में भी वृद्धि होगी। परिवार से सहयोग मिलेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। साथ ही आपकी सेहत अच्छी रहेगी। लिहाजा बुध के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये- मिट्टी के बर्तन में खुम्बियां रखकर, उस पर ढक्कन लगाकर मन्दिर में दे आएं।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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