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Dussehra 2024: 12 अक्टूबर को मनाया जाएगा बुराई पर जीत का त्यौहार दशहरा, ये रहेगा पूजा का विजय मुहूर्त

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Oct 10, 2024 08:08 pm IST,  Updated : Oct 10, 2024 11:17 pm IST

Dussehra 2024: 12 अक्टूबर को जीत का प्रतीक विजयदशमी का त्यौहार मनाया जाएगा। इस दिन भगवान राम ने रावण का वध कर लंका पर जीत हासिल की थी। इस भगवान राम के साथ अस्त्र-शस्त्र की पूजा का विधान है।

Dussehra 2024- India TV Hindi
Dussehra 2024 Image Source : INDIA TV

Dussehra 2024: विजयादशमी साल की तीन सबसे शुभ तिथियों में से एक माना जाता है। अन्य दो तिथियां चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा और कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा है। इस साल जीत का प्रतीक विजयादशमी का त्यौहार 12 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पुराणों के अनुसार रावण पर भगवान श्री राम की जीत के उपलक्ष्य में विजयादशमी का ये त्यौहार मनाया जाता है।  विजयादशमी को दसरा, दशहरा पर्व के नाम से भी जाना जाता है। नेपाल में दशहरा को दशैं के रूप में मनाया जाता है। विजयादशमी के दिन अपराजिता और शमी के अलावा अस्त्र-शस्त्र की पूजा का विधान है। दशहरा के दिन भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और बजरंगबली की पूजा की जाती है। तो आइए जानते हैं कि इस साल दशहरा के दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा। 

दशहरा 2024 शुभ मुहूर्त

हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरा या विजयादशमी का त्यौहार मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल दशमी तिथि का आरंभ 12 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 58 मिनट पर होगा। दशमी तिथि का समापन 13 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर होगा। दशहरा के दिन विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 3 मिनट से दोपहर 2 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। जातक इस मुहूर्त में भगवान राम की पूजा कर सकते हैं। वहीं अपराह्न पूजा का समय दोपहर 1 बजकर 17 मिनट से दोपहर 3 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। विजयादशमी के दिन अपने काम से संबंधित शस्त्रों की पूजा करने का भी विधान है। वहीं इस दिन अपना कोई खास काम करने से आपकी जीत सुनिश्चित होती है। 

दशहरा का महत्व 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,  आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन भगवान राम ने लंका नरेश रावण का वध किया था। भगवान राम ने हर स्थिति में सच्चाई का रास्ता चुना था। वहीं दूसरी ओर  रावण महान ज्ञानी होने के बाद भी बुराईयों से घिरा था। यही वजह है कि सीता हरण के बाद जब भगवान राम और रावण के बीच युद्ध संग्राम हुआ तो विशाल सेना होने के बाद भी रावण की हार हुई। कहते हैं कि तभी से बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी या दशहरा पर्व मनाने की परंपरा शुरू हुई। दशहरा के दिन दिन जगह-जगह पर रावण का पुतला भी जलाया जाता है। इस तरह बुराई को मिटाकर संसार में अच्छाई को स्थापित किया जाता है। हर साल दशहरा मनाने का उद्देश्य लोगों को सत्य, धर्म और अच्छाई का संदेश देना है। 

शस्त्र पूजन और रावण दहन मुहूर्त 2024

  • रावण दहन मुहूर्त- 12 अक्टूबर 2024 को शाम 5 बजकर 45 मिनट से रात्रि 8 बजकर 15 मिनट तक
  • विजयदशमी शस्त्र पूजन मुहूर्त- 12 अक्टूबर 2024 को दोपहर 2 बजकर 2 मिनट से 2 बजकर 48 मिनट तक

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। । इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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