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Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2026: आज है द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी, जीवन की हर परेशानी से मुक्ति पाने का बेहद खास दिन

 Written By: Acharya Indu Prakash, Edited By: Laveena Sharma
 Published : Feb 04, 2026 09:46 pm IST,  Updated : Feb 05, 2026 06:29 am IST

Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2026: गुरुवार को फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि रात 12 बजकर 23 मिनट तक रहेगी। इस दिन द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत रखा जाएगा जो भगवान गणेश को समर्पित है। यहां आप देखेंगे द्विजप्रिय संकष्टी से जुड़े खास उपाय।

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द्विजप्रिय संकष्टी उपाय Image Source : CANVA

Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2026: प्रत्येक महीने के कृष्ण और शुक्ल, दोनों पक्षों की चतुर्थी को भगवान गणेश की पूजा का विधान है। बस फर्क केवल इतना है कि कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी, जबकि शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक श्री गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है और 5 फरवरी को कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी का अर्थ होता है संकटों को हरने वाली। कहते हैं जो व्यक्ति संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत को करता है उसके जीवन में चल रही सभी समस्याओं का समाधान हो जाता है और सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है। यहां हम आपको बताएंगे इस चतुर्थी से जुड़े कुछ खास उपायों के बारे में जो आपका जीवन बदल देंगे।

द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के उपाय

  1. अगर आप किसी अच्छी कम्पनी में नौकरी की तलाश में हैं, तो इस दिन स्नान आदि के बाद घी में बेसन भूनकर या किसी और से भुनवाकर, उसमें पिसी हुई शक्कर मिलाकर प्रसाद तैयार कर लें। फिर भगवान को नमस्कार करके उस प्रसाद का भोग लगाएं। साथ ही भोग लगाने के बाद भगवान श्री गणेश की मूर्ति की तीन बार परिक्रमा करें। अगर मूर्ति के आस-पास इतना स्पेस न हो तो श्री गणेश का ध्यान करते हुए अपने स्थान पर ही तीन परिक्रमा कर लें। 
  2. अगर आपके दाम्पत्य जीवन में खुशियों की जगह परेशानियों ने ले ली है, तो अपने सुखी दाम्पत्य जीवन के लिये श्री गणेश का पूजन करके तिल से हवन करें। आप चाहें तो किसी योग्य पण्डित जी से हवन करा सकते हैं और अगर आपका इतना सामर्थ्य नहीं है तो आप स्वयं भी गाय के गोबर से बने कंडे पर सफेद तिलों की 108 आहुति देकर घर में छोटा-सा हवन कर सकते हैं।
  3. अगर आपको किसी भी काम में मेहनत के बावजूद सफलता नहीं मिल पा रही है तो अपने कामों में सफलता सुनिश्चित करने के लिये गणपति जी के इस सफलता प्राप्ति मंत्र का जप करें। मंत्र है- “गं गणपतये नमः” इस मंत्र का 11 बार जप करें और हर बार मंत्र बोलने के बाद भगवान को पुष्पांजलि अर्पित करें। इस प्रकार 11 बार मंत्र बोलते हुए, हर बार भगवान को पुष्पांजलि अर्पित करें।
  4. अगर आपके परिवार के किसी सदस्य की तबीयत कुछ दिनों से ठीक नहीं चल रही है, तो 3 गोमती चक्र, 11 नागकेशर के जोड़े और 7 कौड़ियां एक सफेद रंग के कपड़े में बांधकर जिस व्यक्ति का स्वास्थ्य खराब है उस व्यक्ति के सिर के ऊपर से 6 बार क्लॉक वाइज और एक बार एंटी क्लॉक वाइज वारकर श्री गणेश के मन्दिर में चढ़ा दें।
  5. अगर आपका कोई शत्रु आपको बहुत ज्यादा परेशान कर रहा है और आपके कामों में अंडगा डाल रहा है, तो शत्रु से छुटकारा पाने के लिये संकष्टी चतुर्थी के दिन बाजार से एक पान का पत्ता लेकर आयें और उस पान के पत्ते को अच्छे से साफ करके, उस पर हल्दी से सातिया, यानि स्वास्तिक का चिन्ह बनाकर भगवान गणेश को अर्पित करें और अपने शत्रु का नाम लेते हुए, उससे छुटकारा पाने के लिये भगवान से प्रार्थना करें।
  6. अगर आप प्यार, पैसा और शोहरत, ये तीनों चीज़ें अपनी जिंदगी में एक साथ पाना चाहते हैं, तो भगवान श्री गणेश के इस मंत्र का जप करें। मंत्र आप नोट भी कर सकते हैं। मंत्र है- “हस्तिपिशचिलिखे स्वाहा” भगवान गणेश के इस मंत्र का 51 बार जाप करें।
  7. अगर आप अपने करियर में दिनों-दिन सफलता पाना चाहते हैं, तो उसके लिये स्नान आदि से निवृत्त होकर एक लोटा जल लें और उस जल में दुर्वा डालकर भगवान गणेश की प्रतिमा के सामने रख दें। फिर विधि-पूर्वक भगवान की पूजा करें। पूजा के बाद उस पानी के लोटे को ढंककर वहीं भगवान श्री गणेश के सामने रखा रहने दें और शाम के समय जब चन्द्रोदय हो, तो उस पानी से चन्द्रमा को अर्घ्य दें और हाथ जोड़कर चन्द्रदेव को नमस्कार करें। एक बार फिर से याद दिला दूं कि- आज चन्द्रोदय का समय रात 9 बजकर 35 मिनट पर अगर आप अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारना चाहते हैं, तो गणेश पूजा के समय 5 गोमती चक्र लेकर, उन्हें हल्दी से पीला करके भगवान के चरणों में रख दें और धूप-दीप आदि से भगवान की पूजा के बाद उन गोमती चक्र को एक पीले रंग के कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में या अपने धन वाले स्थान पर रख दें।
  8. अगर आप अपने बिजेनस को एक ऊंचे मुकाम पर पहुंचाना चाहते हैं, लेकिन इसमें आपको किसी का साथ नहीं मिल पा रहा है, तो घर के ईशान कोण की अच्छे से साफ-सफाई करके, वहां पर एक लकड़ी की चौकी या पाटा स्थापित करें। फिर एक कटोरी में चावल लेकर, उन चावलों की सहायता से लकड़ी की चौकी या पाटे पर गणेश जी की आकृति बनाएं। फिर उस आकृति की धूप-दीप आदि से विधि-पूर्वक पूजा करें और भगवान को पुष्पांजलि अर्पित करें। पूजा के बाद सारी चीज़ों को ऐसे ही रखा रहने दें। शाम होने पर चावलों को उठाकर अपने पास एक पोटली में बांधकर रख लें और अगले दिन उस पोटली को अपने  ऑफिस की तिजोरी में रख दें। साथ ही बाकी की चीज़ों को पीपल के पेड़ की जड़ में चढ़ा दें।
  9. अगर आपकी जिंदगी में सुख-शांति की जगह उलझने और परेशानियों ने ले ली है, तो भगवान गणेश को दुर्वा अर्पित करके गणेश गायत्री मंत्र का जाप करें। भगवान गणेश का गायत्री मंत्र इस प्रकार है- ‘एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।‘
  10. अगर आपकी कोई विशेष इच्छा है, जिसे पूरा करने के लिये आप बहुत दिनों से जुटे हुए हैं तो अपनी वह विशेष इच्छा पूरी करने के लिये श्री गणेश के सामने घी का एक और तेल का एक दीपक जलाएं। घी का दीपक देवताओं के लिये होता है, जबकि तेल का दीपक साधक की कामनाओं के लिये होता है, उसकी इच्छापूर्ति के लिये होता है। साथ ही ध्यान रहे कि घी के दीपक में सफेद खड़ी बत्ती लगाकर, उसे श्री गणेश के दाहिने हाथ की तरफ रखना चाहिए और तिल के तेल के दीपक में पड़ी हुई लाल बत्ती लगाकर भगवान के बायें हाथ की तरफ रखना चाहिए और दीपक जलाते समय आपकी जो भी इच्छा हो, उसे मन ही मन कहें।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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