Monday, January 19, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. मौनी अमावस्या के बाद इस दिन होगा आखिरी अमृत स्नान, फिर ये होगा नागा साधुओं का अगला पड़ाव

मौनी अमावस्या के बाद इस दिन होगा आखिरी अमृत स्नान, फिर ये होगा नागा साधुओं का अगला पड़ाव

महाकुंभ में नागा साधुओं की चर्चा हर तरफ हो रही है। 14 जनवरी को पहले अमृत स्नान के बाद दूसरा अमृत स्नान नजदीक आ रहा है, नागा साधु इस स्नान में भी पहले स्नान करेंगे। आइए जानते हैं आखिरी अमृत स्नान कब होगा?

Written By: Shailendra Tiwari @@Shailendra_jour
Published : Jan 24, 2025 12:28 pm IST, Updated : Jan 24, 2025 12:28 pm IST
Naga Sadhu- India TV Hindi
Image Source : PTI नागा साधु

महाकुंभ में अमृत स्नान का खासा महत्व होता है। इस अमृत स्नान के लिए साधु-संत का जमावड़ा लगा रहता है। बता दें कि प्रयागराज के महाकुंभ का पहला अमृत स्नान 14 जनवरी को मकर संक्रांति की तिथि पर हो चुका है। इस दौरान 3.5 करोड़ लोगों ने अमृत स्नान किया। एक आंकड़े के मुताबिक, 13 जनवरी से अब तक 10.21 करोड़ से अधिक लोग महाकुंभ में डुबकी लगा चुके हैं।

कब होगा दूसरा अमृत स्नान?

अब साधु-संतों को दूसरे अमृत स्नान का बेसब्री से इंतजार है। 29 जनवरी को दूसरा अमृत स्नान है, इस दिन मौनी अमावस्या तिथि भी पड़ रही है। ऐसे में प्रयागराज में भीड़ बढ़ने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि दूसरे अमृत स्नान में 8 करोड़ से अधिक लोगों के आने की संभावना है। वहीं, पहले अमृत स्नान की तरह दूसरे अमृत स्नान में भी नागा साधु और उनके भक्तगण ही पहले स्नान करेंगे। इसके बाद आखिरी अमृत स्नान आयोजित होगा।

आखिरी अमृत स्नान के बाद नागा कहां जाएंगे?

दूसरे अमृत स्नान के बाद नागा साधु फिर अपनी धूनी रमाकर तपस्या और कल्पवास में लीन हो जाएंगे। इसके बाद तीसरे अमृत स्नान का इंतजार रहेगा, जो बंसत पंचमी तिथि को इस बार पड़ेगा। जानकारी दे दें कि बसंत पंचमी तिथि 3 फरवरी को पड़ रही है यानी कि तीसरा और आखिरी अमृत स्नान 3 फरवरी को होगा। इसके बाद नागा साधु प्रयागराज से अपने अगले पड़ाव की ओर चल देंगे। जानकारी के लिए बता दें कि प्रयागराज के महाकुंभ के बाद नागा अपने-अपने अखाड़ों की ओर प्रस्थान करेंगे और फिर वहां से अनजान वन, गुफा और हिमालय की कंदराओं में तपस्या करने चले जाएंगे।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Festivals से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें धर्म

Advertisement
Advertisement
Advertisement