Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से आपको पाप मिटते हैं और पुण्य फलों की आपको प्राप्ति होती है। इसके साथ ही पूजा-पाठ और दान के लिए भी यह दिन शुभ माना जाता है। अगर आप इस दिन किसी पवित्र नदी में डुबकी न लगा सकें या किसी मंदिर या पवित्र स्थान पर न जा सकें तो घर बैठे मंत्रों के जप से गंगा स्नान जितना शुभ फल पा सकते हैं। आज हम आपको ऐसे ही कुछ मंत्रों के बारे में बताएंगे।
घर में नहाते वक्त करें इन मंत्रों का जप
- गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरी जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु।
- सर्वे समुद्रा सरितस तीर्थानी जलदानदा आयातु मम शांतम दुर्दक्ष कारका
- हर हर गंगे
घऱ में स्नान करते समय अगर आप इन मंत्रों का जप करते हैं तो सभी पवित्र नदियों का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है और घर में किया गया स्नान ही दिव्य स्नान बन जाता है।
मौनी अमावस्या पर इन मंत्रों के जप से होगी आत्म शुद्धि और मिलेगी देवी-देवताओं की कृपा
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
- ॐ सूर्याय नम: या ॐ घृणि सूर्याय नम:
- ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्
- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्
- ॐ भास्कराय विद्महे महातेजाय धीमहि तन्नो सूर्य प्रचोदयात" या "ॐ आदित्याय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नो सूर्य प्रचोदयात
इन मंत्रों का जप करने से आपको ईश्वरीय शक्ति प्राप्त होती है। मौनी अमावस्या के पवित्र दिन पर घर के किसी एकांत कोने में आपको इन मंत्रों का जप करना चाहिए।
पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए करें इन मंत्रों का जप
ॐ पितृभ्य: नम:
ॐ श्री सर्व पितृ देवताभ्यो नमो नमः
ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः पितृगणाय च नमः
ॐ पितृगणाय विद्महे, जगत धारिणी धीमहि, तन्नो पितृ प्रचोदयात्
मौनी अमावस्या को पितरों को प्रसन्न करने के लिए बेहद खास दिन माना जाता है। इस दिन आपको पितृ तर्पण, पिंडदान आदि करना चाहिए। अगर आप ऐसा न कर सकें तो ऊपर दिए गए मंत्रों का जप करके भी पितृ कृपा पा सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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