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प्रदोष व्रत पर बन रहा है अद्भूत संयोग, शिवभक्तों के लिए रहेगा विशेष दिन

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Jan 17, 2023 11:12 pm IST,  Updated : Jan 18, 2023 09:05 pm IST

Pradosh Vrat 202: प्रदोष व्रत के दिन भगवान शंकर की पूजा करनी चाहिए। कहते हैं आज के दिन जो व्यक्ति भगवान शंकर की पूजा और प्रदोष व्रत करता है वह सभी पापकर्मों से मुक्त होकर पुण्य को प्राप्त करता है।

Pradosh Vrat 2023 - India TV Hindi
Pradosh Vrat 2023 Image Source : FREEPIK

Pradosh Vrat 2023: इस बार 19 जनवरी 2023 को प्रदोष व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिवजी की उपासना की जाती है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के मुताबिक, प्रदोष व्रत करने वालों पर भोलेनाथ विशेष कृपा बरसाते हैं। प्रदोष के दिन व्रत रखने और महादेव शंकर की पूजा करने से व्यक्ति सभी पापकर्मों से मुक्त होकर पुण्य को प्राप्त करता है और उसे उत्तम लोक की प्राप्ति होती है।

त्रयोदशी तिथि में रात्रि के प्रथम प्रहर, यानी सूर्यास्त के बाद शाम के समय को प्रदोष काल कहते हैं। हेमाद्रि के व्रत खण्ड-2 में पृष्ठ 18 पर भविष्य पुराण के हवाले से बताया गया है कि त्रयोदशी की रात के पहले प्रहर में जो व्यक्ति किसी भेंट के साथ शिव प्रतिमा के दर्शन करता है- वह सभी पापों से मुक्त होता है। यही वजह है कि प्रदोष व्रत के दिन रात के पहले प्रहर में शिवजी को कुछ न कुछ भेंट जरूर करना चाहिए।

प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त

  • गुरु प्रदोष व्रत- 19 जनवरी 2023 दिन 
  • त्रयोदशी तिथि का आरंभ - दोपहर 1 बजकर 18 मिनट से (19 जनवरी 2023)
  • त्रयोदशी तिथि का समापन - सुबह 9 बजकर 59 मिनट तक ( 20 जनवरी)
  • पूजा शुभ मुहूर्त - शाम 05 बजकर 49 मिनट से 08 बजकर 30 मिनट तक  (19 जनवरी 2023)

क्यों खास है इस बार का प्रदोष व्रत?

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, गुरुवार के दिन प्रदोष व्रत का पड़ना काफी शुभ होता है। गुरुवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को रखने से शत्रु पर विजय मिलती है। दांपत्य जीवन खुशहाल बना रहता है और परिवार में सुख-समृद्धी बनी रहती है। प्रदोष व्रत करने से विवाह से जुड़ी सभी परेशानी दूर हो जाती है। 

गुरु प्रदोष व्रत के दिन करें ये काम

  1. प्रदोष व्रत के दिन प्रात:काल उठकर स्नान कर लें और साफ वस्त्र पहनें।
  2. पूजा स्थल या मंदिर को गंगा जल से साफ कर लें।
  3.  'ऊँ नम: शिवाय' का जाप करते हुए शिव जी को जल चढ़ाएं।
  4. प्रदोष काल में विधिवत् महादेव की पूजा करें।
  5. कोई आहार का सेवन न करें।
  6. मांस, मदिरा, तंबाकू,  प्याज, लहसुन जैसे तामसिक भोजन से दूर रहें।
  7.  ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। INDIA TV इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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