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Putrada Ekadashi 2023: पुत्रदा एकादशी व्रत करने से मिलेगा संतान सुख, जानिए सही डेट, पारण का समय, मुहूर्त और पूजा विधि

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Aug 16, 2023 12:51 pm IST,  Updated : Aug 16, 2023 12:51 pm IST

Sawan Putrada Ekadashi 2023: अगर आप संतान सुख की प्राप्ति चाहते हैं या फिर आपकी पहले से संतान है और आप उसकी तरक्की सुनिश्चित करना चाहते हैं तो पुत्रदा एकादशी का व्रत जरूर करें। यहां जानिए पुत्रदा एकादशी व्रत का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व के बारे में।

Putrada Ekadashi 2023- India TV Hindi
Putrada Ekadashi 2023 Image Source : INDIA TV

Putrada Ekadashi 2023: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। कहते हैं कि जो भी भक्त एकादशी के दिन उपवास रख प्रभु श्री हरि की पूजा करता है उसे मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। वहीं सावन मास में जो भी एकादशी आती हैं उसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है। पुत्रदा एकादशी व्रत भी सावन माह में ही आती है। यह व्रत साल में दो बार आता है। एक पौष माह के शुक्ल पक्ष में और दूसरी सावन महीने। इस बार सावन माह की पुत्रदा एकादशी का व्रत 27 अगस्त 2023 को रखा जाएगा। तो आइए जानते हैं इस व्रत का महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में। 

पुत्रदा एकादशी पूजा शुभ मुहूर्त और पारण का समय

  • शुक्ल एकादशी तिथि प्रारंभ- 27 अगस्त 2023 को प्रात 12 बजकर 08 मिनट पर
  • शुक्ल एकादशी तिथि समापन - 27 अगस्त 2023 को रात 9 बजकर 32 मिनट पर
  • एकादशी व्रत पारण समय - 28 अगस्त 2023 को सुबह 5 बजकर 57 मिनट से सुबह 8 बजकर 31तक

पुत्रदा एकादशी व्रत पूजा विधि

  • पुत्रदा एकादशी के दिन प्रात:काल उठकर स्नान कर साफ-सुथरे कपड़े पहन लें।
  • अब पूजा घर को साफ कर गंगाजल छिड़कर शुद्ध कर लें
  • इसके बाद मंदिर में भगवान विष्णु व लक्ष्मीजी की मूर्ति को चौकी पर स्थापित करें।
  • फिर शुद्ध घी का दीपक जलाकर शंख और घंटी बजाकर पूजन करें।
  • अब पुत्रदा एकादशी व्रत का संकल्प लें। 
  • इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए विधि-विधान से पूजा करें।
  • एकादशी के दिन सारी रात जागकर भगवान का भजन-कीर्तन करें।
  • भगवान से किसी प्रकार की हुई गलती के लिए क्षमा भी मांगे। 
  • दूसरे दिन सुबह भगवान विष्णु का पूजन पहले की तरह करें। 
  •  इसके बाद ब्राह्मणों को ससम्मान आमंत्रित करके भोजन कराएं और दक्षिणा दें। 
  • इसके बाद सभी को प्रसाद देने के बाद स्वयं भोजन ग्रहण करें। 

पुत्रदा एकादशी का महत्व 

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, पुत्रदा एकादशी व्रत करने से निसंतान दंपतियों को सुयोग्य संतान की प्राप्ति होती है। इसके अलावा जिनकी संतान हैं उनके जीवन पर मंडरा रहा हर संकट दूर हो जाता है। पुत्रदा एकादशी व्रत करने से संतान की आयु लंबी होती होती है। मान्यता ये भी है कि इस दिन एकादशी का उपवास रखने से और भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की पूजा करने सेव्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। इंडिया टीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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