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Saraswati Puja 2024: सरस्वती आरती और वंदना के बिना अधूरी है मां शारदा की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और मंत्र

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Feb 13, 2024 10:35 pm IST,  Updated : Feb 13, 2024 11:27 pm IST

Basant Panchami Puja 2024: 14 फरवरी को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन मां सरस्वती की आराधना करने से देवी शारदा की कृपा मिलती है। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की वंदना और आरती जरूर करें। साथ ही देवी सरस्वती के मंत्रों का भी जाप करें।

माता सरस्वती की आरती - India TV Hindi
माता सरस्वती की आरती Image Source : INDIA TV

Maa Saraswati Aarti. Vandana And Mantra: माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को सरस्वती पूजा मनाने का विधान है। इसी दिन से बसंत ऋतु की शुरुआत होती है। बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की उपासना करने से बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन ही मां सरस्वती की उत्पत्ति हुई थी। इस दिन को मां सरस्वती के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। मां शारदा को विद्या, संगीत कला की देवी कहा जाता है। ऐसे में बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की पूजा करने से इन क्षेत्रों में अपार तरक्की हासिल होती है। बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की आरती, वंदना और मंत्रों का जाप जरूर करें। ऐसा करने से सरस्वती जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

सरस्वती वंदना

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता,

या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता,
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥

शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं,
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्‌।
हस्ते स्फाटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्‌,
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्‌॥

सरस्वती माता की आरती

जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।
सद्गुण, वैभवशालिनि, त्रिभुवन विख्याता।। जय सरस्वती माता…

चन्द्रवदनि, पद्मासिनि द्युति मंगलकारी।
सोहे हंस-सवारी, अतुल तेजधारी।। जय सरस्वती माता…

बायें कर में वीणा, दूजे कर माला।
शीश मुकुट-मणि सोहे, गले मोतियन माला।। जय सरस्वती माता…

देव शरण में आये, उनका उद्धार किया।
पैठि मंथरा दासी, असुर-संहार किया।। जय सरस्वती माता…

वेद-ज्ञान-प्रदायिनी, बुद्धि-प्रकाश करो।।
मोहज्ञान तिमिर का सत्वर नाश करो।। जय सरस्वती माता…

धूप-दीप-फल-मेवा-पूजा स्वीकार करो।
ज्ञान-चक्षु दे माता, सब गुण-ज्ञान भरो।। जय सरस्वती माता…

माँ सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे।
हितकारी, सुखकारी ज्ञान-भक्ति पावे।। जय सरस्वती माता…

कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।
सदा बसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि।।

मां सरस्वती के मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धि-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

सरस्वती पूजा (बसंत पंचमी) 2024 पूजा शुभ मुहूर्त

  • माघ शुक्ल पक्ष तिथि आरंभ- 13 फरवरी 2024 दिन मंगलवार दोपहर 2 बजकर 41 मिनट से 
  • माघ शुक्ल पक्ष तिथि समाप्त- 14 फरवरी 2024 दिन बुधवार दोपहर 12 बजकर 9 मिनट पर
  •  शुभ मुहूर्त- 4 फरवरी 2024 को सुबह 7 बजकर 1 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक

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