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Ashadha Purnima 2025: आषाढ़ पूर्णिमा जुलाई में किस दिन है? अभी जान लें सही डेट और शुभ मुहूर्त

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Jul 01, 2025 05:17 pm IST,  Updated : Jul 01, 2025 05:17 pm IST

Ashadha Purnima 2025 Date: आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि जून के महीने में है। यह दिन धार्मिक रूप से बेहद खास माना जाता है क्योंकि इसी दिन गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है। आइए ऐसे में जान लेते हैं आषाढ़ पूर्णिमा की तिथि और शुभ मुहूर्त।

Ashadh Purnima 2025- India TV Hindi
आषाढ़ पूर्णिमा 2025 Image Source : FILE IMAGE

Ashadha Purnima 2025: आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि जून माह में है। पूर्णिमा के दिन को हिंदू शास्त्रों में बेहद खास माना जाता है। इस दिन स्नान-दान के साथ ही धार्मिक और आध्यात्मिक कार्य करना अत्यंत लाभदायक होता है। पूर्णिमा के दिन व्रत रखने से भी शुभ फलों की प्राप्ति भक्तों को होती है। आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा या व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इसी दिन गुरु वेदव्यास जी का जन्म हुआ था। आइए अब जान लेते हैं कि साल 2025 में आषाढ़ पूर्णिमा की सही तारीख क्या है और इस दिन कब आपको स्नान-दान आदि कार्य करने चाहिए। 

आषाढ़ पूर्णिमा 2025 तिथि और शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह की चतुर्दशी तिथि का समापन 9 जुलाई की रात्रि 1 बजकर 39 मिनट पर होगा और पूर्णिमा तिथि आरंभ हो जाएगी। 10 तारीख को उदयातिथि में पूर्णिमा होगी इसलिए आषाढ़ पूर्णिमा का व्रत इसी दिन रखा जाना शुभ माना जाएगा। वहीं पूर्णिमा तिथि का समापन 10 जुलाई को देर रात 2 बजकर 8 मिनट पर होगा। आषाढ़ पूर्णिमा के दिन सुबह 5 बजे से लेकर 9 बजे तक स्नान-दान और धार्मिक क्रियाकलापों के लिए समय शुभ है। 

आषाढ़ अमावस्या पर क्या करें

पूर्णिमा तिथि के दिन चंद्रमा पूर्ण रूप में होते हैं। इसलिए धार्मिक कार्य तो इस दिन किए ही जाते हैं साथ ही योग-ध्यान और आध्यात्मिक अनुष्ठान करने से भी इस दिन लाभ होता है। यह दिन जप, तप, स्नान, दान के लिए भी अत्यंत लाभदायक माना गया है। इसके साथ ही आषाढ़ पूर्णिमा के दिन गुरु की पूजा करने से भी लाभ होता है। आप यथासंभव इस दिन धन का दान कर सकते हैं या जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र आदि दे सकते हैं। ये सभी कार्य आषाढ़ पूर्णिमा के दिन करने से देवी-देवताओं के साथ ही पितरों का आशीर्वाद भी आपको प्राप्त होता है। 

आषाढ़ पूर्णिमा क्यों है खास? 

आषाढ़ पूर्णिमा के दिन न केवल देवी-देवताओं बल्कि गुरुओं की पूजा और सेवा भी की जाती है। सात चिरंजीवियों में से एक वेदव्यास जी का जन्मोत्सव भी इस दिन मनाया जाता है। गुरु-शिष्य परंपरा में इस दिन शिष्य अपने गुरु की पूजा करता है और गुरु अपने शिष्य को आशीर्वाद देते हैं।  इसीलिए आषाढ़ पूर्णिमा को बेहद खास माना जाता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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