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Chandra Grahan 2026: चंद्रग्रहण समाप्त होते ही जरूर करें 5 मंत्रों का जप, मन-मस्तिष्क पर पड़ेगा शुभ प्रभाव, कुंडली में चंद्रमा भी होंगे मजबूत

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Mar 03, 2026 04:22 pm IST,  Updated : Mar 03, 2026 04:22 pm IST

Chandra Grahan 2026: साल का पहला चंद्रग्रहण आज यानि 3 मार्च को 3 बजकर 30 मिनट पर शुरू हो चुका है। वहीं इसकी समाप्ति शाम 6 बजकर 48 मिनट पर होगी। चंद्रग्रहण की समाप्ति के बाद आपको किन मंत्रों का जप करने से लाभ मिल सकता है, आइए जानते हैं।

Chandra Grahan- India TV Hindi
चंद्रग्रहण 2026 Image Source : FREEPIK

Chandra Grahan 2026: साल का पहला चंद्रग्रहण 3 मार्च की दोपहर से शुरू हो चुका है। यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा इसलिए चंद्रग्रहण का सूतक भारत में भी मान्य होगा। यह ग्रहण 3 मार्च की शाम 6 बचकर 48 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। ग्रहण के समाप्त होने के बाद स्नान करना शुभ होता है इसके साथ ही घर और पूजा स्थल की सफाई भी ग्रहण के बाद करनी चाहिए। वहीं कुछ ऐसे मंत्र भी हैं जिनका जप चंद्रग्रहण के बाद करना शुभ माना जाता है। इन मंत्रों का जप करने से ग्रहण की नकारात्मकता को आप दूर कर सकते हैं और मानसिक शांति की आपको प्राप्त होती है। 

चंद्रग्रहण के बाद इन मंत्रों का जप करना शुभ 

चंद्र मंत्र- चंद्रग्रहण के प्रभाव से चंद्रमा की शक्ति क्षीण हो जाती है। इसलिए ग्रहण के दौरान भी और ग्रहण के बाद भी चंद्र ग्रह के मंत्रों का जप आपको करना चाहिए। इन मंत्रों का जप करने से चंद्रमा कुंडली में मजबूत भी होता है और आपको मानसिक शांति की भी प्राप्ति होती है। 

  • ॐ सों सोमाय नमः
  • ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः

राहु का मंत्र- साल 2026 का पहला चंद्रग्रहण, होलाष्टक के आखिरी दिन यानि 3 मार्च को है। आपको बता दें कि होलाष्टक के आखिरी दिन राहु ग्रह क्रूर अवस्था में होता है और साथ ही ग्रहण का कारण भी राहु ग्रह होता है। ऐसे में चंद्र ग्रहण के बाद राहु की उग्रता को कम करने के लिए आपको राहु ग्रह के मंत्र 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' का जप करना चाहिए। 

महामृत्युंजय मंत्र: - भगवान शिव चंद्रमा के पूज्य हैं। ऐसे में ग्रहण खत्म होने के बाद आपको महामृत्युंजय मंत्र 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्' का जप आपको अवश्य करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से ग्रहण की नकारात्मकता तो दूर होती ही है साथ ही आपको रोग-दोष से भी मुक्ति मिलती है। 

गायत्री मंत्र: - ग्रहण खत्म होने के बाद आपको गायत्री मंत्र 'ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्' का जप करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से आपको मानसिक शुद्धि प्राप्त होती है और ग्रहण के बुरे प्रभाव भी दूर होते हैं।

ॐ का जप- ॐ को सभी मंत्रों का मूल या बीज मंत्र कहा जाता है। इसलिए ग्रहण के बाद ॐ का उच्चारण करने से भी आपको शुभ फल प्राप्त होते हैं। ऐसा करने से आपके स्वास्थ्य और आत्मा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। 

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7:30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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