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Ekadashi May 2026: अधिक मास की पहली एकादशी कब है, नोट कर लें डेट और मुहूर्त

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : May 25, 2026 10:05 am IST,  Updated : May 25, 2026 10:05 am IST

Ekadashi May 2026: अधिक मास की पहली एकादशी पद्मिनी एकादशी है। चूंकि अधिक मास यानी मलमास हर तीसरे साल में पड़ता है इसी कारण ये एकादशी भी दुर्लभ मानी जाती है क्योंकि ये भी तीन साल में एक ही बार आती है। जानिए 2026 में ये एकादशी कब मनाई जाएगी।

Ekadashi May 2026- India TV Hindi
पद्मिनी एकादशी कब है Image Source : INDIA TV

Ekadashi May 2026: हिंदू धर्म में पद्मिनी एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं इस दिन व्रत-पूजन करने से मनुष्य को उसके सभी पापों से छुटकारा मिल जाता है। इतना ही नहीं ये एकादशी व्रत सुख-समृद्धि में भी वृद्धि करता है। कई जगह पर इस एकादशी को कमला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों अनुसार इस एकादशी व्रत का प्रभाव इतना ज्यादा होता है कि इस एक व्रत को रखने से साधक को सभी प्रकार के यज्ञ, व्रत और तपस्या का फल एक साथ मिल जाता है। चलिए जानते हैं इस साल ये एकादशी कब मनाई जाएगी और इसका शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

अधिक मास की पहली एकादशी कब है 2026 (Ekadashi Kab Hai 2026)

अधिक मास की पहली एकादशी 27 मई 2026 को मनाई जाएगी। एकादशी तिथि का प्रारंभ 26 मई की सुबह 05:10 पर होगा और समापन 27 मई की सुबह 06:21 पर होगा। तो वहीं एकादशी व्रत का पारण समय 28 मई 2026 की सुबह 07:56 का रहेगा।

पद्मिनी एकादशी मुहूर्त 2026 (Padmini Ekadashi Paran Time 2026)

  • ब्रह्म मुहूर्त - 04:03 AM से 04:44 AM
  • प्रातः सन्ध्या - 04:24 AM से 05:25 AM
  • विजय मुहूर्त - 02:36 PM से 03:31 PM
  • गोधूलि मुहूर्त - 07:10 PM से 07:31 PM
  • सायाह्न सन्ध्या - 07:12 PM से 08:13 PM
  • सर्वार्थ सिद्धि योग - 05:25 AM से 05:56 AM
  • रवि योग - 05:25 AM से 05:56 AM

पद्मिनी एकादशी पूजा विधि (Padmini Ekadashi Puja Vidhi)

  • इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर भगवान की विधि-विधान पूजा करें।
  • दिन भर व्रत रहें और शुभ मुहूर्त में एकादशी की कथा पढ़ें।
  • रात्रि में भजन कीर्तन करें।
  • फिर अगले दिन यानी द्वादशी तिथि पर भगवान की फिर से पूजा करके ब्राह्मण को भोजन कराकर दान-दक्षिणा दें।
  • इसके बाद भोजन करके अपना व्रत खोल लें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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