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आलौकिक है दक्षिण भारत के कन्याकुमारी का अम्मन मंदिर, क्यों कहते हैं इसे 'सीक्रेट टेंपल'?

 Written By: Aditya Mehrotra
 Published : Mar 15, 2024 12:49 pm IST,  Updated : Mar 16, 2024 10:03 am IST

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु के दौरे पर कन्याकुमारी पहुंचे। कुछ ही देर में वह अम्मन मंदिर भी जाएंगे। इसके बाद मंदिर में उनका पूजा-अर्चना करने का कार्यक्रम है। आइए जानते हैं अम्मन मंदिर की क्या है धार्मिक मान्यता और क्यों कहते हैं इसे सीक्रेट टेंपल?

Amman Temple- India TV Hindi
Amman Temple Image Source : INDIA TV

Amman Temple: पीएम मोदी आज शुक्रवार को तमिलनाडु के दौरे पर हैं। आज उनका कन्याकुमारी के प्रसिद्ध अम्मन मंदिर में पूजा करने का कार्यक्रम है। अम्मन मंदिर कन्याकुमारी के प्रमुख और प्राचीन मंदिरों में से एक है। प्रति वर्ष यहां लाखों श्रद्धालु देश के कोने-कोने से दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। यह अम्मन मंदिर मां पार्वती को समर्पित है और इसे सीक्रेट टेंपल भी कहा जाता है। आखिर इस मंदिर के ऐसे कौन से रहस्य हैं जिसके कारण इसे सीक्रेट टेंपल कहा जाता है। आज हम आपको इसके बारे में सब कुछ विस्तार से बताने जा रहे हैं।

इस वजह से कहते हैं अम्मन मंदिर को सीक्रेट टेंपल

कन्याकुमारी मंदिर जिसे अम्मन मंदिर भी कहते हैं यह तमिलनाडु राज्य में स्थित है। यह मंदिर समुद्र के बीचों बीच बना हुआ है और अनेक रहस्यों को अपने आप में समेटे हुए है। मंदिर को लेकर कह जाता है कि इसके पास से समुद्र की लहरों की अवाज किसी स्वर्ग की संगीतमय धुन से कम नहीं सुनाई देती हैं। मंदिर में स्थित अम्मन देवी के आभूषणों की आभा इतनी तेजस्वी है कि किसी समय में लोग इसे समुद्री जहाज लाइट हाउस समझ बैठते थे, जिस वजह से कई जहाज किनारे होते हुए समय क्षतिग्रस्त होते-होते बचे थे।

मंदिर को लेकर एक पौराणिक मान्यता भी है रहस्य का कारण

अम्मन मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां पर देवी पार्वती का अवतार कन्या का शिव जी से विवाह तय तो हुआ था, लेकिन सही समय पर विवाह नहीं हो पाया। विवाह में प्रयोग होने वाले चावल और अन्य अनाज बिना पकाए रखे रह गए और ऐसा कहा जाता है कि वह अनाज पत्थरों में परिवर्तित हो गए। धार्मिक मान्यता के अनुसार मंदिर के तट के निकट जो पत्थर हैं वह इसी अनाज का प्रारूप हैं। जिनका प्रयोग भगवान शिव और मां पार्वती के कन्या अवतार रूप से विवाह न हो पाने के कारण नहीं हो पाया था।

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