Basant Panchami Amrit Snan Live: महाकुंभ का अंतिम अमृत स्नान आज शुरू हो चुका है। आज के दिन ब्रह्म मुहूर्त में पंचमी तिथि रहेगी, इसीलिए अंतिम अमृत स्नान को बसंत पंचमी का अमृत स्नान भी कहा जा रहा है। आज के दिन नागा साधुओं के अखाड़े सबसे पहले स्नान करेंगे। इसके बाद नागा साधुओं के दल महाकुंभ से अपने अखाड़ों की ओर वापस लौट जाएंगे। नागा साधुओं के साथ ही करोडों की संख्या में आज भक्त भी प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाएंगे।
श्री पंचायती नया उदासीन अखाड़े की शोभा यात्रा 'बसंत पंचमी' के अवसर पर 'अमृत स्नान' के लिए त्रिवेणी संगम (प्रयागराज में) की ओर बढ़ रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महाकुंभ में पहुंचे साधु-संतों और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा का भव्य दृश्य।
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश: जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य कहते हैं, "आज बहुत महत्वपूर्ण दिन है। आज बसंत पंचमी है और होली भी करीब है। हर कोई आनंद मना रहा है। मैं सनातन धर्म को फलता-फूलता देख सकता हूं।"
बसंत पंचमी को अंतिम अमृत स्नान के दिन अब तक 9 अखाड़े डुबकी लगा चुके हैं। आपको बता दें कि कई अखाड़े निर्धारित समय से पूर्व ही स्नान कर चुके हैं और अपने शिविरों की ओर वापस लौट रहे हैं।
बसंत पंचमी के अवसर पर 'अमृत स्नान' में भाग लेने वाले अखाड़ों और श्रद्धालुओं पर त्रिवेणी संगम पर पुष्प वर्षा की जा रही है।
बसंत पंचमी के अमृत स्नान के दिन माता सरस्वती के मूल मंत्र 'ॐ ऐं सरस्वत्यै ऐं नमः' का जप करने से आपको ज्ञान, बुद्धि और विवेक की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही कुछ अन्य मंत्रों का जप भी इस दिन आप कर सकते हैं। जैसे- 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः', 'हंसासना ॐ हंसासनायै नमः' इन मंत्रों का जप करने से भी आपको मां सरस्वती की कृपा प्राप्त होगी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। उन्होंने प्रयागराज आने वाले भक्तों से शांतिपूर्ण तरीके से स्नान करने को कहा। साथ ही अधिकारियों को उन्होंने सख्त हिदायत दी है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पंच दिगंबर अनी अखाड़े की भव्य शोभा यात्रा त्रिवेणी संगम के लिए रवाना। देखें वीडियो।
निर्मोही अनी अखाड़े के त्रिवेणी दास महाराज (मूल रूप से फ्लोरिडा, अमेरिका से) कहते हैं, "हवा में ऊर्जा महसूस की जा सकती है। इसमें दिव्यता की बिजली है। यह विशेष स्नान देवी, दिव्य मां, विशेष रूप से सरस्वती की ऊर्जा पर केंद्रित। हम सभी गंगा, यमुना और सरस्वती की त्रिवेणी में इस डुबकी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं,हम हवा में ऊर्जा और शक्ति महसूस कर सकते हैं।"
निर्मोही अनी अखाड़े के आचार्य दयानंद दास महाराज ने कहा, "हम निर्मोही अखाड़े में हैं, जहाँ हमारे सभी 'शिष्य' साधना के लिए आए हैं, अपनी आध्यात्मिक साधना के लिए, गंगा में पवित्र डुबकी लगाने के लिए तैयार हैं... हम सभी, मानवता के परिवार, आत्मा को परमात्मा से मिलाने के लिए अपनी चेतना को बढ़ाएँगे, ताकि धर्म और मानवता के अनुसार जीवन जी सकें। हम गंगा में इस डुबकी के लिए बहुत उत्साहित और तैयार हैं..."
निर्मोही अनी अखाड़े की महामंडलेश्वर राजेश्वरी मां ने कहा, "मैं जापान से हूं और हमारे अखाड़े के साथ अमृत स्नान के लिए यहां आना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है... स्नान के बाद हम यहां रुकेंगे और अपने छात्रों के साथ साधना करेंगे तथा सनातन धर्म को जापान और पूरी दुनिया में वापस लाएंगे।"
निर्मोही अनी अखाड़े के स्वामी अवधेश कुमार दास कहते हैं, "हमारी सनातन परंपराएं ऐतिहासिक हैं। दुनियाभर से तमाम वैष्णव यहां तीर्थराज प्रयाग में आते हैं। निर्मोही अनी अखाड़े के हम सभी लोग अपने गुरुओं और संतों के साथ यहां एकत्रित हुए हैं। आज महाकुंभ का अंतिम अमृत स्नान है, मैं अपनी आस्था के इस पावन पर्व पर सभी को बधाई देता हूं।"
बसंत पंचमी के पावन पर्व के दिन आखिरी'अमृत स्नान' के दौरान अखाड़ों ने त्रिवेणी घाट पर निकाली भव्य झांकी।
उत्तर प्रदेश सूचना विभाग के अनुसार, आज सुबह 8 बजे तक 62.25 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगा चुके हैं। 2 फरवरी तक 34.97 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगा चुके हैं।
प्रयागराज में जहां महाकुंभ का स्नान किया जा रहा है। वहीं इस दौरान उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल की भस्म आरती की गई। देखें वीडियो।
प्रयागराज में महाकुंभ का अमृत स्नान जारी है। इस दौरान हरिद्वार में भी पावन गंगा तट पर मां गंगा की आरती की गई। साथ ही श्रद्धालुओं ने हरिद्वार में भी पवित्र डुबकी लगाई।
बसंत पंचमी के अवसर पर अमृत स्नान के लिए एकत्रित संतों और श्रद्धालुओं के बीच संगम घाट पर शंख बजाती एक महिला श्रद्धालु।
महाकुंभ के डीआईजी वैभव कृष्ण ने कहा, "व्यवस्थाएं बहुत अच्छी हैं और आज भीड़ नियंत्रण के हमारे उपाय भी अच्छे हैं। सभी अखाड़ों का स्नान सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। महानिर्वाणी अखाड़ा, निरंजनी अखाड़ा और जूना अखाड़ा ने सफलतापूर्वक अपना स्नान कर लिया है और अन्य अखाड़े भी सफलतापूर्वक स्नान में हिस्सा लेंगे।"
बसंत पंचमी के आखिरी अमृत स्नान के मद्देनजर करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। बता दें कि 13 जनवरी से शुरू हुआ महाकुंभ 2025 26 फरवरी तक चलेगा।
महाकुंभ के आखिरी अमृत स्नान को लेकर नागा साधु ने कहा, "आज की व्यवस्था पिछले दो अमृत स्नानों से बेहतर थी... आज का स्नान हम साधुओं के लिए सबसे बड़ा स्नान था।"
महाकुंभ के संगम तट पर एक विदेशी महिला ने हनुमान चालीसा का पाठ किया है। बसंत पंचमी के अवसर पर अमृत स्नान के लिए त्रिवेणी संगम की ओर जाते हुए विदेशी भक्त 'हनुमान चालीसा' गाते हुए आप भी सुनें।
माना जाता है कि आज के दिन मां सरस्वती की पूजा करने से मां प्रसन्न होती है और ज्ञान व बुद्धि का आशीर्वाद देती है। आइए जानते हैं कि सरस्वती वंदना मंत्र
या कुन्देन्दु -तुषार -हारधवला या शुभ्र वस्त्रा वृता।
या वीणावर दण्ड मण्डित करा या श्वेत पद्मासना॥
या ब्रह्माच्युत शंकर प्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेष जाड्यापहा॥
पवित्र स्नान के बाद किन्नर अखाड़े की आचार्य लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने कहा, "मां भगवती सभी को खुश रखें और भारत निरंतर प्रगति करता रहे..."
आध्यात्मिक नेता स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा, "सभी 13 अखाड़ों ने त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई...हमने गंगा मां, भगवान शिव की पूजा-अर्चना की...सभी नागा बहुत उत्साहित हैं...यह हमारा तीसरा 'अमृत स्नान' था...मैं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को बधाई देता हूं क्योंकि उन्होंने 13 अखाड़ों के लिए बहुत अच्छी व्यवस्था की...जो लोग 'सनातन धर्म' का पालन नहीं करते हैं उन्हें इस 'शाही स्नान' से सबक लेना चाहिए और देखना चाहिए कि आज भी सनातन साधुओं के साथ है और साधु सनातन के साथ हैं।"
महाकुंभ के अंतिम अमृत स्नान के मौके पर श्रद्धालुओं और साधु-संतों पर हैलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। बसंत पंचमी के दिन महाकुंभ का अंतिम अमृत स्नान जारी है।
बसंत पंचमी के दिन अब तक महानिर्वाणी, अटल, जूना, निरंजनी समेत कुल सात अखाड़ों का अमृत स्नान संपन्न हो चुका है। अखाड़ों से जुड़े भक्तों ने भी इस दौरान पवित्र घाट पर डुबकी लगाई।
जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने महाकुंभ के आयोजन को लेकर सीएम और पीएम की तारीफ की। उन्होंने कहा, "यह पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की वजह से संभव हो पाया है।"
ऑस्ट्रिया की एविगेल ने कहा, "यह अविश्वसनीय और आश्चर्यजनक है। यह जीवन में एक बार होने वाला अनुभव है, मैंने भारत के लोगों को समझना शुरू कर दिया है, मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा।"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रातः साढ़े तीन बजे से अपने सरकारी आवास स्थित वॉर रूम से महाकुंभ के अमृत स्नान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सीएम इस दौरान डीजीपी , प्रमुख सचिव गृह एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के साथ बसंत पंचमी के अमृत स्नान का लगातार अपडेट ले रहे एवं आवश्यक निर्देश दे रहे हैं। बता दें कि इस तीसरे और अंतिम अमृत स्नान में प्रथम अखाड़े का स्नान सकुशल संपन्न हो चुका है।
बसंत पंचमी के मौके पर जूना अखाड़ा अमृत स्नान के लिए संगम तट पहुंचा।
दुनिया भर से लाखों तीर्थयात्री, संत, योगी और आगंतुक आध्यात्मिक शुद्धि की तलाश में पवित्र त्रिवेणी संगम पर एकत्रित हुए हैं। महाकुंभ मेले में बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर श्रद्धालु अमृत स्नान कर रहे हैं।
ऑस्ट्रिया की एविगेल ने महाकुंभ आयोजन पर कहा, "यह अविश्वसनीय और आश्चर्यजनक है। यह जीवन में एक बार होने वाला अनुभव है...मैंने भारत के लोगों को समझना शुरू कर दिया है...मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा..."
महाकुंभ मेला क्षेत्र में बसंत पंचमी के अवसर पर हजारों श्रद्धालु तीसरे अमृत स्नान के लिए एकत्र हुए, देखें त्रिवेणी संगम के ड्रोन विजुअल।
निरंजनी अखाड़े के प्रमुख कैलाशानंद गिरि महाराज और निरंजनी अखाड़े के अन्य साधुओं ने बसंत पंचमी के अवसर पर तीन नदियों - गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई।
बसंत पंचमी पर अमृत स्नान के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने कहा, "स्नान बहुत भव्य है और हर कोई बहुत खुश है और सरकार को आशीर्वाद दे रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगाने आए हैं।"
बसंत पंचमी के अमृत स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति भक्तों को होती है। इसके साथ ही 7 पीढ़ियों तक का शुद्धिकरण भी अमृत स्नान से होता है। वहीं पितरों की आत्मा की शांति और निरोगी काया के लिए भी पवित्र डुबकी लगाना बेहद शुभ माना गया है। अमृत स्नान करने से शरीर की व्याधियां भी दूर होती हैं और ऊर्जा का संचार आपका तन-मन में होता है।
जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने कहा, "मैं सशक्त भारत, शिक्षित भारत के लिए पवित्र डुबकी लगाऊंगा, हम पर्यावरण की रक्षा के लिए जागरूकता भी पैदा करना चाहते हैं, पीएम मोदी के नेतृत्व में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई व्यवस्थाएं बहुत अच्छी हैं।"
बसंत पंचमी के अमृत स्नान के दिन नहाने के बाद सूर्य को अर्घ्य देते समय 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' मंत्र का 108 बार जप करना भक्तों के लिए बेहद शुभ साबित हो सकता है। इस मंत्र का जप करने से रोग, भय से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही यह मंत्र आपका आत्मविश्वास बढ़ाता है, आत्मिक और शारीरिक रूप से आपको सशक्त बनाता है।
आध्यात्मिक गुरु स्वामी कैलाशानंद गिरि बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर महाकुंभ के तीसरे अमृत स्नान के लिए जुलूस का नेतृत्व करते हुए।
बसंत पंचमी का दिन माता सरस्वती को समर्पित है। मां सरस्वती ज्ञान की देवी हैं, ऐसे में शिक्षा से जुड़ी चीजों का दान करना इस दिन बेहद शुभ माना जाता है। जरूरतमंद विद्यार्थियों को किताबें, कलम आदि शिक्षा से संबंधित सामग्रियां आप दान कर सकते हैं। इसके साथ ही पीले रंग के भोज्य पदार्थ, पीले रंग के कपड़े आदि भी इस दिन आप दान दे सकते हैं।
रूस की रहने वाली महानिर्वाणी अखाड़ा की मीनाक्षी गिरि ने कहा, "यह मेरे जीवन का बहुत पवित्र क्षण है। मैं पिछले 17 वर्षों से सनातन धर्म का पालन कर रही हूं।"
सभी नागा अखाड़ों में सबसे बड़ा जूना अखाड़ा के संत अमृत स्नान के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
बसंत पंचमी के अवसर पर अमृत स्नान के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाट पर पहुंच रहे हैं। उत्तर प्रदेश सूचना विभाग के अनुसार, अभी तक 16.58 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बसंत पंचमी के अमृत स्नान के दिन न केवल नागा साधु-संत बल्कि अदृश्य साधु और पवित्र आत्माएं भी महाकुंभ में डुबकी लगाने आती हैं। इस दिन डुबकी लगाने से पाप मिटते हैं और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है।
पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के एक संत ने बसंत पंचमी अमृत स्नान के महत्व पर बात की और व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन की प्रशंसा की।
निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर एवं निरंजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने कहा, "बसंत पंचमी का पावन पर्व आज मनाया जा रहा है। सभी सनातनी आज मां सरस्वती की पूजा करेंगे। अमृत वर्षा के शाही स्नान की तैयारियां चल रही हैं। हम अब संगम की ओर बढ़ेंगे। शाही मार्ग को अखाड़ों के लिए खाली रखा गया है। फिलहाल सिर्फ अखाड़े ही पवित्र स्नान करेंगे। सरकार इस परंपरा को तभी समझ सकती है, जब सरकार में कोई ऐसा व्यक्ति हो जो 'धर्म' को समझता हो और इसे समझने के लिए योगी जी (आदित्यनाथ) से बेहतर कोई नहीं है।"
श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी 'बसंत पंचमी' के पावन अवसर पर 'अमृत स्नान' के लिए त्रिवेणी संगम पर पहुंचे।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने कहा, "आज बसंत पंचमी के अवसर पर अंतिम अमृत स्नान है। अमृत स्नान के बाद हम वाराणसी के लिए रवाना होंगे, हमें स्नान के लिए 40 मिनट का समय दिया गया है, मैं सभी श्रद्धालुओं से आग्रह करता हूं कि वे अनावश्यक रूप से संगम घाट पर न आएं।"
बसंत पंचमी के पावन अवसर पर पवित्र अमृत स्नान के लिए अखाड़े अपने इष्ट देवता को लेकर त्रिवेणी संगम की ओर बढ़ रहे हैं। नागा साधुओं के नेतृत्व में यह भव्य जुलूस महाकुंभ 2025 में एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक क्षण का प्रतीक है।
बसंत पंचमी का दिन ज्ञान और विद्या की देवी माता सरस्वती को समर्पित है। इस दिन अमृत स्नान से भक्तों को ज्ञान और विवेक की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही भगवान विष्णु और शिवजी का आशीर्वाद भी भक्तों को प्राप्त होता है।
महाकुंभ में बसंत पंचमी के अमृत स्नान के लिए महानिर्वाणी अखाड़ा संगम स्थल पहुंच चुका है। वहीं निरंजनी और आनंद अखाड़े के साधु अपने शिविर से अमृत स्नान करने के लिए निकल चुके हैं। बसंत पंचमी के दिन सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़ा अमृत स्नान करेगा।
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