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निर्जला एकादशी पर इन 2 आरतियों के बिना अधूरी है पूजा, यहां देखें पूरे लिरिक्स

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : Jun 25, 2026 07:25 am IST,  Updated : Jun 25, 2026 07:27 am IST

निर्जला एकादशी का पावन पर्व आज यानी 25 जून 2026 को मनाया जा रहा है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं और शुभ मुहूर्त में विधि विधान भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। पूजा के समय दो आरतियों को जरूर किया जाता है। चलिए जानते हैं निर्जला एकादशी की इन दोनों आरतियों के लिरिक्स।

nirjala ekadashi ki aarti- India TV Hindi
निर्जला एकादशी की आरती Image Source : INDIA TV

ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष में आने वाली निर्जला एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं जो भी श्रद्धालु इस एकादशी का सच्चे मन से व्रत रखता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। इस साल ये एकादशी 25 जून 2026 को मनाई जा रही है। तो वहीं 26 जून को इस एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा। इस बार की एकादशी बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि इस दिन शिव और सिद्धि योग बन रहा है। इसके अलावा आज के दिन स्वाति और विशाखा नक्षत्र का संयोग भी रहेगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के समय निर्जला एकादशी की कथा पढ़ने के बाद दो खास आरतियों को जरूर करें। चलिए जानते हैं इन आरतियों के लिरिक्स। 

ॐ जय जगदीश हरे आरती लिरिक्स

  • ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी ! जय जगदीश हरे।
  • भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥
  • ॐ जय जगदीश हरे।
  • जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का।
  • स्वामी दुःख विनसे मन का।
  • सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥
  • ॐ जय जगदीश हरे।
  • मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी।
  • स्वामी शरण गहूँ मैं किसकी।
  • तुम बिन और न दूजा, आस करूँ जिसकी॥
  • ॐ जय जगदीश हरे।
  • तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।
  • स्वामी तुम अन्तर्यामी।
  • पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥
  • ॐ जय जगदीश हरे।
  • तुम करुणा के सागर, तुम पालन-कर्ता।
  • स्वामी तुम पालन-कर्ता।
  • मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥
  • ॐ जय जगदीश हरे।
  • तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
  • स्वामी सबके प्राणपति।
  • किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति॥
  • ॐ जय जगदीश हरे।
  • दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
  • स्वामी तुम ठाकुर मेरे।
  • अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥
  • ॐ जय जगदीश हरे।
  • विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
  • स्वमी पाप हरो देवा।
  • श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, सन्तन की सेवा॥
  • ॐ जय जगदीश हरे।
  • श्री जगदीशजी की आरती, जो कोई नर गावे।
  • स्वामी जो कोई नर गावे।
  • कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावे॥
  • ॐ जय जगदीश हरे।

जय एकादशी माता आरती लिरिक्स

  • ॐ जय एकादशी, जय एकादशी,जय एकादशी माता।
  • विष्णु पूजा व्रत को धारण कर,शक्ति मुक्ति पाता॥
  • ॐ जय एकादशी...॥
  • तेरे नाम गिनाऊं देवी,भक्ति प्रदान करनी।
  • गण गौरव की देनी माता,शास्त्रों में वरनी॥
  • ॐ जय एकादशी...॥
  • मार्गशीर्ष के कृष्णपक्ष की उत्पन्ना,विश्वतारनी जन्मी।
  • शुक्ल पक्ष में हुई मोक्षदा,मुक्तिदाता बन आई॥
  • ॐ जय एकादशी...॥
  • पौष के कृष्णपक्ष की,सफला नामक है।
  • शुक्लपक्ष में होय पुत्रदा,आनन्द अधिक रहै॥
  • ॐ जय एकादशी...॥
  • नाम षटतिला माघ मास में,कृष्णपक्ष आवै।
  • शुक्लपक्ष में जया, कहावै,विजय सदा पावै॥
  • ॐ जय एकादशी...॥
  • विजया फागुन कृष्णपक्ष मेंशुक्ला आमलकी।
  • पापमोचनी कृष्ण पक्ष में,चैत्र महाबलि की॥
  • ॐ जय एकादशी...॥
  • चैत्र शुक्ल में नाम कामदा,धन देने वाली।
  • नाम वरूथिनी कृष्णपक्ष में,वैसाख माह वाली॥
  • ॐ जय एकादशी...॥
  • शुक्ल पक्ष में होयमोहिनी अपरा ज्येष्ठ कृष्णपक्षी।
  • नाम निर्जला सब सुख करनी,शुक्लपक्ष रखी॥
  • ॐ जय एकादशी...॥
  • योगिनी नाम आषाढ में जानों,कृष्णपक्ष करनी।
  • देवशयनी नाम कहायो,शुक्लपक्ष धरनी॥
  • ॐ जय एकादशी...॥
  • कामिका श्रावण मास में आवै,कृष्णपक्ष कहिए।
  • श्रावण शुक्ला होयपवित्रा आनन्द से रहिए॥
  • ॐ जय एकादशी...॥
  • अजा भाद्रपद कृष्णपक्ष की,परिवर्तिनी शुक्ला।
  • इन्द्रा आश्चिन कृष्णपक्ष में,व्रत से भवसागर निकला॥
  • ॐ जय एकादशी...॥
  • पापांकुशा है शुक्ल पक्ष में,आप हरनहारी।
  • रमा मास कार्तिक में आवै,सुखदायक भारी॥
  • ॐ जय एकादशी...॥
  • देवोत्थानी शुक्लपक्ष की,दुखनाशक मैया।
  • पावन मास में करूंविनती पार करो नैया॥
  • ॐ जय एकादशी...॥
  • परमा कृष्णपक्ष में होती,जन मंगल करनी।
  • शुक्ल मास में होयपद्मिनी दुख दारिद्र हरनी॥
  • ॐ जय एकादशी...॥
  • जो कोई आरती एकादशी की,भक्ति सहित गावै।
  • जन गुरदिता स्वर्ग का वासा,निश्चय वह पावै॥
  • ॐ जय एकादशी...॥

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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