Papankusha Ekadashi: हर वर्ष आश्विन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन पापांकुशा एकादशी का व्रत रखा जाता है। साल 2025 में 3 अक्टूबर को पापांकुशा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने और व्रत करने से जीवन में वैभव की प्राप्ति होती है। साथ ही मनचाही इच्छाओं की पूर्ति होती है, घर में पैसों की बढ़ोतरी होती है, वैवाहिक जीवन सुखद बनता है, सभी कामों में सफलता मिलती है, बच्चों की तरक्की सुनिश्चित होती है और बिजनेस में वृद्धि होती है। ऐसे में आइए जान लेते हैं कि पापांकुशा एकादशी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त कब रहेगा और इस दिन किस विधि से पूजा करनी है।
पापांकुशा एकादशी पर पूजा का शुभ मुहूर्त
एकादशी तिथि आरंभ- 2 अक्टूबर शाम 7 बजकर 10 मिनट से
एकादशी तिथि समाप्त- 3 अक्टूबर शाम 6 बजकर 32 मिनट पर
पूजा का शुभ मुहूर्त- सुबह 4 बजकर 53 मिनट से सुबह 6 बजकर 29 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 51 मिनट तक
पापांकुशा एकादशी पूजा विधि
पापांकुशा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर आपको सबसे पहले स्नान-ध्यान करना चाहिए। इसके बाद पूजा स्थल को साफ करके वहां गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। इसके बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर का जलाभिषेक करना चाहिए। आप पंचामृत या फिर गंगाजल से जलाभिषेक कर सकते हैं। इसके बाद चंदन और पुष्प भगवान विष्णु को अर्पित करने चाहिए। इसके बाद धूप-दीप जलाकर आपको पूजा आरंभ करनी चाहिए। अगर व्रत रखने वाले हैं तो पूजा के दौरान व्रत का संकल्प भी आपको लेना चाहिए। इसके बाद भगवान विष्णु के मंत्रों का जप, एकादशी व्रत की कथा का पाठ आपको करना चाहिए। पूजा के दौरान आपको माता लक्ष्मी के मंत्रों का जप भी अवश्य करना चाहिए। अंत में आपको भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती का पाठ करना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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