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Pradosh Vrat: मार्च का अंतिम प्रदोष व्रत कब है 30 या 31 मार्च? जान लें सही डेट और पूजा का शुभ मुहूर्त

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Mar 29, 2026 07:47 am IST,  Updated : Mar 29, 2026 07:47 am IST

Pradosh Vrat: मार्च के आखिरी सप्ताह में प्रदोष व्रत किया जाएगा। भगवान शिव की आराधना और उनका आशीर्वाद पाने के लिए इस दिन को बेहद शुभ माना जाता है। आइए ऐसे में जान लेते हैं प्रदोष व्रत की सही तिथि और शुभ पूजा मुहूर्त के बारे में।

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सोम प्रदोष व्रत Image Source : FREEPIK

Pradosh Vrat: प्रदोष व्रत को भगवान शिव की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है। हर माह में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। मार्च के महीने में पहला प्रदोष व्रत 16 मार्च के दिन था। वहीं दूसरा प्रदोष व्रत मार्च के अंत में होगा। आइए ऐसे में जान लेते हैं प्रदोष व्रत की सही तिथि और पूजा के लिए शुभ मुहूर्त के बारे में। 

प्रदोष व्रत तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त 

प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। 30 मार्च 2026 को चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि शुरू होगी और इसका समापन 31 मार्च को होगा। प्रदोष व्रत में प्रदोष कालीन पूजा (सूर्यास्त के बाद का समय) का महत्व है और प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि 30 मार्च को ही रहेगी इसलिए 30 मार्च के दिन ही प्रदोष व्रत किया जाएगा। वहीं सोमवार के दिन प्रदोष व्रत है इसलिए इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाएगा। 

  • त्रयोदशी तिथि आरंभ- 30 मार्च 2026 को 07:09 AM पर
  • त्रयोदशी तिथि समाप्त- 31 मार्च 2026 को 06:55 AM बजे
  • प्रदोष कालीन पूजा का शुभ मुहूर्त - 06:38 PM से 08:57 PM

प्रदोष व्रत करने के लाभ 

प्रदोष व्रत को भगवान शिव की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों को आरोग्य और दार्घायु की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही भक्तों की मनोकामनाओं को भी भोलेनाथ पूरा करते हैं। जो लोग आध्यात्मिक क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं उनके लिए भी प्रदोष व्रत शुभ फलदायक होता है। शिव पुराण के अनुसार प्रदोष व्रत करने से जाने-अनजाने में हुए पाप कर्मों से भी आपको मुक्ति मिलती है। पारिवारिक जीवन में खुशियां भी प्रदोष व्रत करने से प्राप्त होती हैं। वहीं जो लोग संतान सुख पाना चाहते हैं उनको भी प्रदोष व्रत करने से संतान की प्राप्ति हो सकती है। आर्थिक लाभ और सौभाग्य की प्राप्ति भी प्रदोष व्रत के दिन शिव पूजन करने से प्राप्त होती है।  

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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