Shattila Ekadashi 2026 Date: षटतिला एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। इस दिन तिल का 6 तरीके से उपयोग किया जाता है। जिसमें तिल से स्नान करना, तिल का उबटन लगाना, तिल से हवन करना, तिल से तर्पण करना, तिल का भोजन करना और तिलों का दान करना शामिल है। कहते हैं जो कोई षटतिला एकादशी का व्रत करता है उसके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। चलिए आपको बताते हैं इस साल षटतिला एकादशी कब मनाई जा रही है।
षटतिला एकादशी 2026 (Shattila Ekadashi 2026 Date)
षटतिला एकादशी 14 जनवरी 2026, बुधवार को मनाई जाएगी। इस दिन एकादशी तिथि शाम 05:52 बजे तक रहेगी। तो वहीं षटतिला एकादशी का पारण समय 07:15 AM से 09:21 AM तक रहेगा। पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय रात 08:16 का है।
षटतिला एकादशी पूजा विधि (Shattila Ekadashi Puja Vidhi)
षटतिला एकादशी के दिन सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु की पूजा करें और व्रत का संकल्प लें। दिन भर फलाहारी व्रत रहें और रात को भगवान विष्णु की आराधना करें। उन्हें भोग लगाएं और हवन करें। इसके बाद द्वादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद भगवान विष्णु की पूजा करके उन्हें भोग लगाएं और पंडितों को भोजन कराने के बाद स्वयं अन्न ग्रहण करके अपना व्रत खोल लें।
षटतिला एकादशी का महत्व (Shattila Ekadashi Ka Mahatva)
धार्मिक मान्यताओं अनुसार षटतिला एकादशी का व्रत रखने से जीवन के सारे दुखों का अंत हो जाता है और भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त होती है। ये व्रत पापों से मुक्ति दिलाता है और जीवन में सुख-समद्धि लाता है। इस दिन तिलों के दान का विशेष महत्व माना गया है। कहते हैं इस एकादशी पर तिल दान करने से कर्ज से मुक्ति मिल जाती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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