Surya Dwadashnaam Stotra: सूर्य द्वादश नाम स्तोत्र भगवान सूर्य के 12 पवित्र नामों का एक चमत्कारी और शक्तिशाली स्तोत्र है। इसे सुबह के समय पढ़ा जाता है, इसके साथ ही विशेष अवसरों पर इसका पाठ करने से भी शुभ फलों की प्राप्ति भक्तों को होती है। अगर आप अक्षय तृतीया के दिन इस स्तोत्र का पाठ करते हैं कई गुना अधिक शुभ फल आपको प्राप्त हो सकते हैं। इस स्तोत्र का पाठ करने से आपको सूर्य देव के आशीर्वाद के साथ ही जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भी प्राप्त होती है। सूर्य के मजबूत होने से आपको भाग्य का साथ भी मिलता है और आत्मविश्वास भी मजबूत होने लगता है। सूर्य द्वादश नाम स्तोत्र बहुत अधिक बड़ा नहीं है इसलिए कम से कम 11 बार आपको अक्षय तृतीया के दिन इसका पाठ करना चाहिए।
सूर्य द्वादश नाम स्तोत्र
आदित्यः प्रथमं नाम द्वितीयं तु दिवाकरः।
तृतीयं भास्करः प्रोक्तं चतुर्थं च प्रभाकरः।
पञ्चमं च सहस्त्रांशुः षष्ठं चैव त्रिलोचनः।
सप्तमं हरिदश्वश्च अष्टमं च विभावसुः।
नवमं दिनकृत् प्रोक्तं दशमं द्वादशात्मकः।
एकादशं त्रयीमूर्तिर्द्वादशं सूर्य एव च।
सूर्य द्वादश नाम स्तोत्र पाठ की विधि
- सूर्य द्वादश नाम स्तोत्र का पाठ करने से पहले आपको स्नान-ध्यान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए।
- इसके बाद पूजा स्थल पर बैठकर सूर्य देव का ध्यान आपको करना चाहिए और धूप-दीप जलाना चाहिए.
- अब सूर्य देव को जल, अक्षत, फूल आदि अर्पित करें।
- इसके बाद सुखासन में बैठकर सूर्य द्वादश नाम स्तोत्र का पाठ करें।
- इस सरल विधि से भी अगर आप सूर्य द्वादश नाम स्तोत्र का पाठ करते हैं तो आपके जीवन में सुखद बदलाव देखने को मिलते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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