Surya Grahan 2026: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को है। यह सूर्य ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगने जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दिन नकारात्मक शक्तियां सक्रिय हो जाती हैं और इसलिए कुछ सावधानियां हर किसी को इस दिन बरतनी चाहिए। हालांकि गर्भवती महिलाओं को इस दिन ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता होती है क्योंकि ग्रहण का असर न केवल उनपर बल्कि गर्भस्थ शिशु पर भी पड़ सकता है। आइए ऐसे में जान लेते हैं कि सूर्य ग्रहण का गर्भस्थ महिलाओं पर क्या असर पड़ेगा और इस दिन प्रेग्नेंट महिलाओं को क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
साल 2026 में 17 फरवरी के दिन सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय होती है इसलिए गर्भवती महिलाओं को सतर्क रहने की सलाह इस दौरान दी जाती है। हालांकि, साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए ग्रहण का सूतक भी भारत में मान्य नहीं होगा। बावजूद इसके भी लोग ग्रहण के दिन सावधानियां बरतते हैं क्योंकि कहीं न कहीं सूर्य की ऊर्जा ग्रहण के दिन नकारात्मक रूप से प्रभावित होती है। इसकी वजह से गर्भवती महिलाओं को भी मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और साथ ही शिशु पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आइए ऐसे में जान लेते हैं कि ग्रहण के दिन गर्भवती महिलाओं को क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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