
गेंदबाजी कंबीनेशन बेहतर रखने से मिलेगी जीत
तेज़ गेंदबाज़ इशांत शर्मा का उंगली की चोट से उबरना भारतीय ख़ेमे के लिए यह राहत की बात हो सकती है। वह दूसरे वनडे में चयन के लिए उपलब्ध होंगे। यदि धोनी तीन तेज गेंदबाज और दो स्पिनरों के अपने पिछले ‘कंबीनेशन’ के साथ उतरे तो भुवनेश्वर की जगह इशांत को उतारा जा सकता है।
धवन पर रहेगा दबाव

पर्थ में रोहित शर्मा की धमाकेदार 171 रन की पारी की बदौलत टीम इंडिया 300+ स्कोर करने में सफल हो गई थी। इस मैच मे शिखर धवन को छोड़कर बाकी बल्लेबाज़ों ने सिरीज़ की शुरुआत अच्छे नोट पर की। ये बल्लेबाज़ जहां ब्रिस्बेन में पूरे आत्मविश्वास के सात उतरेंगे वहीं धवन पर ख़ुद को साबित करने का दबाव होगा।
स्टीवन स्मिथ का तोड़ खोजना ही होगा अगर टीम इंडिया जीत चाहती है

टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए सिर्फ विफल स्पिन गेंदबाज़ी ही नहीं ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीवन स्मिथ भी बड़ा सिर दर्द हैं। स्मिथ की पर्थ में खेली गई शतकीय पारी टीम के लिए चिंता का विषय है।
हालांकि डेविड वॉर्नर के छुट्टी पर जाने से टीम इंडिया के लिए मुश्किल थोड़ा कम ज़रुर है ख़त्म नहीं हुई हैं। स्मिथ को जल्द से जल्द पवेलियन भेजना टीम इंडिया के लिए ब्रिसबेन वनडे में जीत की राह खोल सकता है।
छोटी सी आशा : नया चेहरा बरिंदर सरन

बुरी ख़बरों के बीच धोनी के लिए एक अच्छी ख़बर बरिंदर सरन के रुप में है जिन्होंनेपर्थ में बहुत प्रभावित किया। धोनी दूसरे वनडे में भी बरिंदर को ट्रंप के रुप में इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन इसके साथ ही धोनी को प्लान ए के साथ प्लान बी भी बनाकर रखना होगा और जरूरत पड़ने पर रिस्क लेते हुए अमल करना चाहिए।