गुरूग्राम: दिल्ली डेयरडेविल्स के कोच राहुल द्रविड़ ने आज स्वीकार किया कि क्विंटन डिकॉक और जेपी डूमिनी जैसे अनुभवी खिलाडि़यों के नहीं खेलने से आगामी आईपीएल में टीम के संतुलन और संयोजन पर असर पड़ेगा। डुमिनी निजी कारणों से नहीं खेल रहे हें जबकि डिकाक की उंगली में फ्रेक्चर है।
द्रविड़ ने दिल्ली डेयरडेविल्स अकादमी मैदान पर बातचीत में कहा, डूमिनी और डिकॉक जैसे खिलाडि़यों का नहीं खेलना वाकई बड़ा झटका है। यदि ये बातें नीलामी से पहले होती तो आसान रहता क्योंकि फिर बेहतर रणनीति बनाई जा सकती थी लेकिन अब क्या कर सकते हैं। हमारे पास सैम बिलिंग्स जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और उम्मीद है कि वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
आपको बता दें कि पिछले आईपीएल में डिकाक ने दिल्ली के लिये सर्वाधिक रन बनाये थे।
द्रविड़ ने कहा, हमारे पास कोरे एंडरसन और एंजेलो मैथ्यूज जैसे हरफनमौला हैं और उम्मीद है कि वे जेपी की कमी पूरी करेंगे। लेकिन डिकॉक का नहीं खेलना बड़ा नुकसान है क्योंकि वह हमारा प्रमुख बल्लेबाज था। हमने उसे इस सत्र के लिये तैयार किया था।
उन्होंने यह भी उम्मीद ज़ाहिर की कि भारत के श्रेयस अयर, करूण नायर, संजू सैमसन और रिषभ पंत अच्छा खेलेंगे। पंत के बारे में पूछने पर द्रविड़ ने कहा, उम्मीद है कि वह पिछले साल से बेहतर खेलेगा। मैं यह नहीं कहूंगा कि वह अकेला हमारा एक्स फैक्टर है। हमारे पास करूण, संजू , श्रेयस और तारे जैसे खिलाड़ी हैं।
द्रविड़ ने कहा कि उनकी टीम बेहतर रणनीति बनाकर युवाओं को अधिक मौके देगी। उन्होंने कहा, हम बेहतर रणनीति बनाकर युवा खिलाडि़यों को अधिक मौके देंगे। आईपीएल में खिलाडि़यों का रोटेशन जरूरी है ताकि वे तरोताजा बने रहे। द्रविड़ का यह भी मानना है किआईपीएल खेलने के ज़हीर ख़ान के फैसले से टीम संतुलन पर असर नहीं पड़ेगा क्योंकि यह पूर्व भारतीय तेज़ गेंदबाज़ कइयों के लिये प्रेरणा है ।
उन्होंने कहा, हमारी टीम में कई युवा है और हमें ज़हीर की जरूरत है क्योंकि उसके पास अपार अनुभव है। आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में इसकी जरूरत है। वह युवाओं के लिये प्रेरणास्रोत भी है।