नयी दिल्ली: संदीप पाटिल की अगुवाई वाली राष्ट्रीय चयनसमिति सीमित ओवरों के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर ही यह फैसला छोड़ना चाहते हैं कि क्या वह जिम्बाब्वे के 11 से 20 जून के बीच होने वाले दौरे के लिये उपलब्ध रहेंगे या नहीं। पता चला है कि पांचों चयनकर्ताओं ने अधिकतर सीनियर खिलाडि़यों को बता दिया है कि वे दूसरी श्रेणी के खिलाडि़यों को आजमाने के लिये जूनियर टीम को जिम्बाब्वे भेजना चाहते हैं।
बीसीसीआई के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार चयनसमिति केवल धोनी के मामले में फैसला नहीं किया है क्योंकि उन्हें अगले साल मार्च तक कोई अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने को नहीं मिलेगा। इस बीच भारत को 17 टेस्ट मैच खेलने हैं। बोर्ड के सूत्रों ने पीटीआई से कहा, हां यह सही है कि चयनकर्ताओं ने कुछ सीनियर खिलाडि़यों से बात करके उन्हें बता दिया है कि वे दौरे पर जूनियर टीम भेजना चाहते हैं। विराट कोहली, रोहित शर्मा और शिखर धवन को विश्राम देना तय है लेकिन कुछ सीनियर खिलाड़ी हैं जिन्होंने दौरे के लिये खुद को उपलब्ध रखा है। लेकिन चयनकर्ताओं ने उनसे कहा है कि केवल धोनी के मामले में अपवाद हो सकता है जो अब टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलते हैं।
उन्होंने कहा, चयनसमिति ने यह फैसला पूरी तरह धोनी पर छोड़ दिया है कि वह दौरे पर जाना चाहते हैं या नहीं। वह फैसला करने के लिये स्वतंत्र हैं क्योंकि उन्होंने भी हाल में काफी क्रिकेट खेली है लेकिन यदि वह नहीं जाते हैं तो उन्हें अगले साल मार्च सीमित ओवरों का कोई मैच खेलने को नहीं मिलेगा। यदि धोनी नहीं जाते हैं तो अजिंक्य रहाणे को टीम की कमान सौंपी जा सकती है। सूत्रों ने कहा, जिम्बाब्वे का दौरा नौ दिन है और सभी मैच एक स्थान : हरारे : में खेले जाएंगे इसलिए यात्रा के लिहाज से इसे व्यस्त नहीं कहा जा सकता है।