नई दिल्ली: भारत-पाक क्रिकेट सीरीज़ को भारत सरकार ने हरी झंडी दे दी है। सूत्रों के मुताबिक क्रिकेट डिप्लोमेसी के जरिए भारत-पाक रिश्ते में सरकार सुधार चाहती है । दिसंबर में UAE में सीरीज़ होगी।
हाल ही में भारत दौरे पर आए PCB अध्यक्ष शहरयार खान ने कोलकाता में BCCI अध्यक्ष जगमोहन डालमियां के घर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि भारत-पाकिस्तान के बीच 5 एकदिव्सीय, 3 टेस्ट और 2 टी-20 मैच होंगे।
शहरयार खान ने इस सिलसिले में वित्त मंत्री अरुण जेटली और BCCI सचिव अनुराग ठाकुर से मुलाकात की थी।
पिछले 2 सालों में भारत-पाकिस्तान के बीच यह पहली एकदिव्सीय सीरीज़ होगी। जब्कि 7 सालों से ज्यादा समय के बाद दोनों टीमें टेस्ट सीरीज़ खेलेंगी।
क्रिकेट में चिर प्रतिद्वंदी माने जाने वाले भारत-पाकिस्तान के बीच सीरीज़ सिर्फ दोनों देशों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में क्रिकेट फैंस के लिए भी बहुत महत्तवपूर्ण है।
सीरीज़ पर मुहर लगने से पहले ही इस पर राजनीती गरमाने लगी थी और सीरीज़ के बारे में जानकारी मिलते ही इसका विरोध होने लगा था। बीजेपी के 2 सांसद आर.के. सिंह और कीर्ति आजाद ने भारत-पाक क्रिकेट सीरीज रोकने की मांग की थी।
कीर्ति आजाद ने कहा कि, "भारत-पाकिस्तान की सीरीज नहीं होनी चाहिए क्योंकि पाकिस्तान भारत के गुनहगारों को पनाह देता है...26/11 के दोषियों पर कार्रवाई होने के बाद ही सीरीज़ हो।"
दूसरी तरफ, मोहिंदर अमरनाथ ने भी भारत-पाक सीरीज़ का विरोध किया। उन्होंने कहा था कि, "जब तक बॉर्डर पर शांती नहीं हो जाती तब तक क्रिकेट ना हो।"