50 दिन यानि पूरे 72 हजार मिनट बाद विराट का विजय चक्र ठीक उसी केपटाउन के मैदान पर आ खड़ा हुआ। जहां दौरे की शुरुआतमें कोई नहीं जानता था कि सीरीज़ का अंजाम क्या होगा। आगाज़ तो बेहतर ना हो सका, लेकिन अब जब केपटाउन के मैदान पर विराट उतरेंगे तो उसका अंत जरूर बेहतर होगा। इसकी उम्मीद हर किसी को है। पुरानी कहावत है कि अंत भला तो सब भला। विराट जानते हैं कि जोहान्सबर्ग टेस्ट से चले आ रहे जीत के सफर पर एक हार से दाग लग जाएगा। कोहली बड़े मैचों के बहुत बड़े खिलाड़ी है और कप्तानी से लेकर बल्लेबाज़ी तक उनको जीत के लिए कुछ कर गुजरना उनकी आदत में शुमार हैं।
विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया वनडे-टी-ट्वेंटी की कोई भी सीरीज़ नहीं हारी है। वैसे भी कप्तानी के साथ-साथ केपटाउन में कोहली के बल्ले के लिए भी इतिहास बनाने का सुनहरा मौका है क्योंकि दौरे पर खेली 14 पारियों में विराट ने 871 रन बना लिए हैं। एक दौरे पर 1000 रन बनाने से विराट 129 रन दूर हैं।
आज तक क्रिकेट इतिहास में सर विव रिचर्ड्स के अलावा किसी ने एक दौरे पर 1 हजार रन नहीं बनाए हैं। 129 रन बनेंगे कैसे इसके लिए विराट को अपने बैटिंग ऑर्डर में हर हाल में बदलाव करना होगा और केपटाउन में नंबर चार की जगह नंबर तीन उतरना होगा।
इसके अलावा एक और रिकॉर्ड है...जो विराट का लंबे समय से इंतजार कर रहा है। विराट कोहली टी-ट्वेंटी इंटरनेशनल में 2000 रन बनाने से सिर्फ 17 रन दूर हैं। ऐसा करने वाले वो दुनिया के नंबर तीन और हिंदुस्तान के पहले क्रिकेटर बनेंगे। वैसे भी आज की रात विराट कोहली की कप्तानी के लिए खास बनने वाली है।
कोहली को टेस्ट में नंबर वन टीम को मिलने वाला गदा दिया जाएगा। कोहली की कप्तानी में अजेय रथ पर सवार टीम इंडिया के लिए आज की रात सबसे खास बनने वाली है और इस तूफानी रात में केपटाउन में जीत की क्रांति लिखने से कोहली और उनकी टीम को रोकना किसी के बस की बात नहीं होगी