कोलकाता: कोलकाता नाइट राइडर्स की गेंदबाजी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमणों में से एक है लेकिन कल रात को खेले गए मैच में कोलकाता की गेंदबाजी कुछ खास नही कर पाई और कोलकाता को पुणे ने 4 विकेट से मात दे दी। तो वही पुणे की तरफ से सलामी बल्लेबाज राहुल त्रिपाठी ने 93 रनों की शानदार पारी खेली। इस पारी के बाद राहुल ने कहा है कि वह अपनी भावनाओं के मुताबिक खेले। कोलकाता ने पुणे को 156 रनों का लक्ष्य दिया था। ईडन गार्डन्स स्टेडियम की विकेट पर जहां पुणे के बल्लेबाज अपने पैर नहीं जमा पा रहे थे वहीं राहुल ने शुरू से अंत तक एक छोर संभाले रखा। टीम को जब छह रनों की जरूरत थी, तब राहुल पवेलियन लौटे थे। (ICC ने चैम्पियंस ट्रॉफी से ठीक पहले लॉन्च किया मोबाइल एप)
राहुल ने अपनी 93 रनों की पारी में 78 रन सिर्फ बाउंड्री से बनाए थे। उन्हें मैच जिताऊ पारी के लिए मैन ऑफ द मैच भी चुना गया। IPL टी20 डॉट कॉम ने राहुल के हवाले से लिखा है, "अगर मैं कुछ रणनीति बनाता तो वह काम नहीं करती क्योंकि उनके पास अच्छे गेंदबाज हैं। उनकी टीम का गेंदबाजी आक्रमण अच्छा है।" उन्होंने कहा, "इसलिए मैंने सिर्फ गेंद को देख कर उसके हिसाब से खेलने की रणनीति अपनाई और अपनी भावना के साथ खेला। मेरे दिमाग में कुछ नहीं चल रहा था। यह जरूरी था और इससे मुझे मदद मिली। मैंने गेंद के आधार पर अपने शॉट खेले।"
उन्होंने कहा, "मुझे अच्छा लगा। मुझे अच्छी शुरुआत मिल रही थी इसलिए मैं इसे जारी रखना चाहता था। यह अच्छा है कि हम मैच जीते, यह अहम था। मैं मैच को खत्म करना चाहता था लेकिन नहीं कर पाया। हम मैच जीते यह अच्छी बात है।" राहुल ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ ड्रेंसिग रूम साझा करने से उन्हें मदद मिली है। उन्होंने कहा, "इससे मुझे काफी मदद मिली है। यह मेरे लिए सबसे अच्छा अनुभव है। अजिक्य भाई के साथ सलामी बल्लेबाजी करने से मुझे मदद मिली है। अगर वह सिर्फ यही कहते हैं कि तुम अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हो तो इससे आपको आत्मविश्वास मिलता है क्योंकि अंजिक्य रहाणे जैसा बल्लेबाज आपसे यह कह रहा है।" उन्होंने कहा, "मैदान के बाहर फाफ डु प्लेसिस, बेन स्टोक्स, से मुझे काफी मदद मिलती है। धोनी भाई महान खिलाड़ी हैं दो बार उनके साथ बल्लेबाजी करते हुए मैं नाबाद रहा।" (IPL 10: युवी का यही अंदाज़ तो बनाता है उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग )