नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को महाराष्ट्र में सूखे की समस्या के कारण इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैचों पर बंबई उच्च न्यायालय द्वारा लगाए प्रतिबंध के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। सर्वोच्च न्यायालय में यह याचिका महाराष्ट्र और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने दायर की थी।
सर्वोच्च न्यायालय ने मुंबई, नागपुर और पुणे के 12 स्टेडियम में में आईपीएल मैच होने की स्थिति में पानी की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह याचिका खारिज कर दी।
बंबई उच्च न्यायालय ने 13 अप्रैल को महाराष्ट्र में आईपीएल के 13 मैचों के आयोजन पर रोक लगा दी थी। हालांकि, बाद में न्यायालय ने अपने फैसले में संशोधन करते हुए नागपुर में एक मैच के आयोजन की अनुमति दे दी थी।
दरअसल सूखे के चलते हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में 1 मई के बाद IPL मैच कराए जाने पर रोक लगाई है जिसके खिलाफ MCA ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
महाराष्ट्र के 3 स्टेडियम में आईपीएल मैच होने हैं। एक स्टेडियम की पिच के रखरखाव के लिए हर दिन 60 हजार लीटर पानी की जरूरत होती है। पूरे सीजन के लिए करीब 60 लाख लीटर पानी का इस्तेमाल होगा। हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका में कहा गया है कि जो राज्य सूखे से जूझ रहा है वहां इतना ज्यादा पानी बर्बाद होने से रोका जाए।
राजस्थान उच्च न्यायालय ने भी आज राज्य सरकार से उस जनहित याचिका पर उसका जवाब मांगा है जिसने यहां गुलाबी शहर में आईपीएल मैचों के आयोजन पर प्रतिबंध की मांग की थी क्योंकि इनके कारण हजारों लीटर पीने का पानी बरबाद होगा। न्यायाधीश अजय रस्तोगी और डीसी सोमानी की पीठ ने राजस्थान में गर्मिंयों में पानी की कमी को देखते हुए इस मामले की अहमियत के कारण राज्य सरकार को नोटिस जारी किया जिसमें उससे 30 अप्रैल तक जवाब दायर करने को कहा है।