इस्लामाबाद: संसदीय समिति ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर क्रिकेटर दानिश कनेरिया की मदद इसलिए नहीं करने का आरोप लगाया है क्योंकि वह हिंदू है। कनेरिया पर मैच फ़िक्सिंग को लेकर इंग्लिश वैल्स क्रिकेट बोर्ड ने आजन्म प्रतिबंध लगाया हुआ है।
पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के रमेश कुमार वांकवानी ने नैशनल असैंबली की स्थाई समिति की बैठक में कहा, “पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड प्रतिबंध उठाने के लिए कनेरिया की वित्तीय या कानूनी मदद इसलिए नहीं कर रहा है क्योंकि वह हिंदू समुदाय का है।”
समिति की बैठक मे अन्य मसलों के अलावा बोर्ड के वित्तीय मुद्दों पर भी चर्चा की गई। वांकवानी ने कहा कि कनेरिया के साथ भेदभाव किया जा रहा है और बोर्ड के अधिकारी उसकी वैसी मदद नहीं कर रहे हैं जैसी की उन्होंने अन्य खिलाड़ियों के लिए की थी।
वांकवानी का समर्थन करते हुए समिति के सदस्य इक़बाल मोहम्मद अली ने कहा, "कनेरिया के पास पैसा नही है और वह ख़ुद अपने दम पर अपना केस नहीं लड़ सकता। कनेरिया ने ख़ुद कहा है कि उसके साथ भेदभाव हो रहा है क्योंकि वह हिंदू है।”
उन्होंने बोर्ड से कनेरिया की मदद करने का आग्रह किया ताकि वह प्रतिबंध के ख़िलाफ़ अदालत में लड़ सके।
वांकवानी के आरोप पर बोर्ड के चीफ़ ऑपरेटिंग ऑफ़िसर सुभान अहमद ने कहा: "ICC के भ्रटाचार निरोधक क़ानून के तहत बोर्ड कनेरिया की किसी भी तरह की मदद नहीं कर सकता। अगर कोई क्रिकेट बोर्ड किसी खिलाड़ी पर प्रतिबंध लगाता है तो ICC के सभी सदस्य देश प्रतिबंध के फ़ैसले के प्रति प्रतिबद्ध होते हैं।”
उन्होंने कहा कि मैच फिक्सिंग में दोषी पाए जाने और सज़ा मिलने के बाद बोर्ड ने मोहम्मद आमिर, मोहम्मद आसिफ़ और सलमान बट की कोई मदद नहीं की थी।
दानिश कनेरिया ने कहा कि उनका मसला उठाने के लिए वह स्थाई समिति के शुक्रगुज़ार हैं। इससे मेरी उम्मीद बंधी है।
कनेरिया ने कहा कि सुभान अहमद कैसे कह सकते हैं कि बोर्ड ने आमिर, आसिफ और सलमान की मदद नही की? "क्या तफ़ाज्ज़ुल रिज़वी ने उनका केस नहीं लड़ा था? क्या वह बोर्ड के वकील नहीं है?"
कनेरिया ने कहा कि बोर्ड ने ICC में आमिर का केस लड़ा था।