राजकोट: सौराष्ट्र क्रिकेट संघ स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में बेहतरीन बल्लेबाजी करने वाली इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ अपनी दूसरी पारी में भी वही सिलसिला जारी रखा है। इंग्लैंड ने चौथे दिन शनिवार का खेल खत्म होने तक दूसरी पारी में बिना कोई विकेट गंवाए 114 रन बना लिए हैं। इसी के साथ इंग्लैंड ने मेजबान टीम पर 163 रनों की बढ़त ले ली है। स्टम्प्स तक कप्तान एलिस्टर कुक (46 नॉटआउट) और पदार्पण मैच खेल रहे हसीब हमीद (62 नॉटआउट) क्रीज पर डटे हुए हैं।
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इंग्लैंड ने जो रूट (124), मोइन अली (117) और बेन स्टोक्स के शतकों की मदद से पहली पारी में 537 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। भारत ने भी इसका मजबूत जवाब देते हुए अपनी पहली पारी में 488 रन बनाए। दिन के अंतिम सत्र में अपनी दूसरी पारी खेलने उतरी इंग्लैंड को कुक और हमीद ने शानदार शुरुआत दी। दोनों ने भारतीय गेंदबाजों का संयम के साथ सामना किया और बिना कोई जोखिम उठाए लगातार रन बनाए। डेब्यू मैच में अर्धशतक लगाने वाले हमीद 20 साल की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड के लिए अर्धशतक लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए। 116 गेंदों का सामना कर 5 चौके तथा एक छक्का लगा चुके हमीद के पिता दर्शकदीर्घा में आंसुओं में डूबे नजर आए। वहीं कप्तान कुक ने 107 गेंदों में तीन चौके लगाए हैं।

हसीब हमीद। एपी फोटो
भारतीय कप्तान विराट कोहली ने अपने पांचों मुख्य गेंदबाजों का इस्तेमाल किया लेकिन कोई भी गेंदबाज उन्हें सफलता नहीं दिला पाया। इससे पहले, इंग्लैंड के मजबूत स्कोर का ठोस जवाब देते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत के लिए सलामी बल्लेबाज मुरली विजय (126) और चेतेश्वर पुजारा (124) ने शतकीय पारियां खेलीं और दूसरे विकेट के लिए 209 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूती प्रदान की। तीसरे दिन का खेल मुरली और पुजारा के नाम रहा। वहीं चौथे दिन रविचंद्रन अश्विन ने टीम को संभाला। उन्होंने निचले क्रम पर बल्ले से एक बार फिर टीम के लिए उपयोगी योगदान देते हुए 70 रनों की अहम पारी खेली।

रविचंद्रन अश्विन। एपी फोटो
भारत ने तीसरे दिन 4 विकेट के नुकसान पर 319 रन बनाए थे। चौथे दिन इसी स्कोर से शुरुआत करने वाली भारतीय टीम को कप्तान विराट कोहली (40) से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी लेकिन वह दुर्भाग्यवश हिट विकेट हो गए। वह हिट विकेट होने वाले दूसरे भारतीय कप्तान बने। उनसे पहले हिट विकेट होने वाले एकमात्र भारतीय कप्तान लाला अमरनाथ थे। इसके अलावा वह पिछले 14 वर्षो में हिट विकेट होने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी भी हैं। उनसे पहले 2002 में वीवीएस लक्ष्मण हिट विकेट हुए थे। उपकप्तान अजिंक्य रहाणे (13) के रूप में दिन का पहला विकेट गिरा। भोजनकाल तक भारत ने छह विकेट गंवाकर 411 रन बना लिए थे। अश्विन के साथ रिद्धिमान साहा (35) क्रिज पर थे। अश्विन और साहा ने भारत का संघर्ष जारी रखा।

रिद्धिमान साहा और एलस्टेयर कुक। एपी फोटो
लंच के बाद साहा के रूप में भारत का पहला विकेट गिरा। अश्विन के साथ सातवें विकेट के लिए 64 रन जोड़ेने वाले साहा को मोइन अली ने पवेलियन भेजा। साहा जब आउट हुए तब टीम का स्कोर 425 रन था। रवींद्र जडेजा (12) कुछ खास नहीं कर पाए और आदिल राशिद का शिकार हुए। उमेश यादव (5) ने अश्विन का साथ देने की कोशिश की लेकिन राशिद ने उन्हें बेन स्टोक्स के हाथों कैच करा पवेलियन भेजा। मोहम्मद समी आठ रनों पर नॉटआउट लौटे। 139 गेंदों में 7 चौकों की मदद से अर्धशतकीय पारी खेलने वाले अश्विन के रूप में भारत का आखिरी विकेट गिरा। इसी के साथ चायकाल की घोषणा कर दी गई। मेहमानों की तरफ से राशिद ने 4 विकेट लिए। अली और जाफर अंसारी ने 2-2 विकेट लिए। स्टोक्स और ब्रॉड को एक-एक सफलता मिली।