टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को उनके करियर में काफी शांत और ठन्डे दिमाग से सोचने के कारण कैप्टन कूल के नाम से जाना जाता रहा है। ऐसे में उनके साथ टीम इंडिया में काफी समय तक खेलने वाले रूद्र प्रताप सिंह ( आरपी सिंह ) का मानना है कि उन्होंने कई बार धोनी को गुस्सा होते हुए देखा है। जब वो अपन टेम्पर पर काबू नहीं कर पाए थे। इसके बारे में उन्होंने रैना के साथ धोनी की एक घटना को याद किया है।
क्रिकेट डॉट कॉम से बातचीत में आरपी सिंह ने कहा, "हम श्रीलंका में थे और रैना फील्डिंग के दौरान कवर पर बहुत आगे आ रहे थे और धोनी उन्हें चेतावनी दे रहे थे कि वे ज्यादा करीब न आएं। ऐसे में कुछ गेंदों के बाद रैना एक गेंद को पकड़ नहीं पाए। इसके बाद धोनी ने उन्हें हड़काते हुए कहा कि जहां बोल रहा हूँ, वहाँ खड़ा हो। इस तरह धोनी कभी तेज चिल्लाता नही था लेकिन गुस्सा जरूर होता था।"
इस तरह टीम इंडिया में धोनी के डेब्यू से ठीक तीन महीने पहले डेब्यू करने वाले आरपी सिंह ने धोनी की कप्तानी में करियर के अंत तक खेला। इस तरह धोनी के पहले इम्प्रेशन के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, "हम पहली बार देवधर ट्रॉफी में घरेलू क्रिकेट में मिले थे। वह तब से आया था जब वह पूर्वी क्षेत्र के लिए प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं था। फिर, हम बैंगलोर के एक शिविर में मिले। लेकिन मुझे उसकी जानकारी थी क्योंकि यूपी और बिहार में बहुत सारे अनौपचारिक टूर्नामेंट हुआ करते थे और जब हम पहली बार ग्वालियर में मिले थे तो वह पहले से ही एक बड़ा नाम था, ”
इसके आगे आरपीसिंह ने अंत में कहा, "वह बहुत ही रिजर्व व्यक्ति है और सीमित लोगों के साथ खुश रहता है। उन्होंने हमेशा क्वारंटाइन समय से प्यार किया है। यह शायद ही उन्हें प्रभावित करता है क्योंकि वह हमेशा घर के अंदर रहेंगे, अपनी दुनिया में रहेंगे, वीडियो गेम खेलेंगे आदि। वह हमेशा एक अंतर्मुखी रहे हैं। वह बहुत सारे दोस्त होने में विश्वास नहीं करता है।"
बता दने कि आरपी सिंह ने टीम इंडिया के लिए 14 टेस्ट, 58 वनडे और 10 टी20 अन्तराष्ट्रीय खेले हैं। जिसमें उनके नाम क्रमशः 40, 69 और 15 विकेट शामिल हैं।