नयी दिल्ली: रोहित शर्मा के लिये पिछले चार महीने काफी दर्दनाक रहे हैं जिसमें वह हैमस्टि्रंग की सर्जरी से गुजरे लेकिन यह प्रतिभाशाली बल्लेबाज मध्यक्रम के स्थान के लिये अपनी नींद नहीं गंवा रहा है जिसमें उसे इसके लिये अजिंक्य रहाणे और करूण नायर से प्रतिस्पर्धा का सामना करना होगा।
रोहित ने पीटीआई को दिये विशेष साक्षात्कार में कहा, मैंने अपने करियर में अभी तक इस बारे में कभी नहीं सोचा कि मुझसे प्रतिस्पर्धा में कौन है। बतौर खिलाड़ी आप सुधार नहीं कर सकते, अगर आप सिर्फ इसी आधार पर सोचते रहोगे। मेरी प्रतिस्पर्धा खुद से है। मैं अपना समय उन चीजों पर नहीं लगाता जो मेरे नियंत्रण में नहीं हैं। लेकिन भारत जो भी मैच खेले, उसमें मैं एक भी मैच नहीं चूकना चाहता।
क्रिकेट से बाहर रहने वाला समय आसान नहीं था लेकिन वह पहले भी इस तरह की स्थिति से गुजर चुका हूं।
उन्होंने कहा, मैं इस तरह के हालात से निपटने के लिये मानसिक रूप से मजबूत हूं लेकिन जब सर्जरी होती है तो कुछ शुरूआती चिंताएं भी हैं। लेकिन एक बार मैंने यह करवा ली तो ब्रिटेन में मेरे डाक्टरों ने मुझे कहा कि एक उचित रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम से मैं साढ़े तीन से चार महीने के अंदर खेलने के लिये दोबारा फिट हो जाउंगा। लेकिन यह मुश्किल दौर होता है जब आप वह सब काम नहीं कर सकते जिसे आप सबसे ज्यादा चाहते हो।
रोहित अब विजय हजारे ट्राफी के ग्रुप लीग में मुंबई की ओर से चार और छह मार्च को चेन्नई में आंध्र और गोवा के खिलाफ खेलने के लिये तैयार हैं, जिनका उद्देश्य उनकी मैच फिटनेस पता करना होगा।