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Champions Trophy: ग्रुप बी से ये 2 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचने की प्रबल दावेदार, जानें किसका पलड़ा भारी

 Written By: Vanson Soral @VansonSoral
 Published : Feb 15, 2025 06:10 pm IST,  Updated : Feb 15, 2025 06:10 pm IST

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का 19 फरवरी से आगाज होने जा रहा है, जिसमें कुल 8 टीमें हिस्सा लेंगी। इस टूर्नामेंट के लिए 8 टीमों को 2 ग्रुप में बांटा गया है।

Australia and South Africa- India TV Hindi
ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका Image Source : GETTY

ऑस्ट्रेलिया अपने प्रमुख तेज गेंदबाजों के बिना 19 फरवरी से शुरू होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी में उतरेगा लेकिन ICC की प्रतियोगिताओं में उसका शानदार रिकॉर्ड उसे साउथ अफ्रीका के साथ ग्रुप बी से सेमीफाइनल में पहुंचने का प्रबल दावेदार बनाता है। इन दोनों टीमों को हालांकि इंग्लैंड और अफगानिस्तान से कड़ी चुनौती मिलेगी। चैंपियंस ट्रॉफी के ग्रुप बी में शामिल टीमों का आकलन इस प्रकार है:-

ऑस्ट्रेलिया

मजबूत पक्ष: ऑस्ट्रेलिया बड़ी प्रतियोगिताओं के दबाव से निपटना अच्छी तरह जानता है और यही कारण है कि उसके नाम पर वनडे वर्ल्ड कप में 6, T20 विश्व कप में एक और चैंपियंस ट्रॉफी में दो खिताब दर्ज हैं। यही वजह है कि उसे सीमित ओवरों की क्रिकेट की सबसे खतरनाक टीम माना जाता है। ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी बेहद मजबूत है। कप्तान स्टीव स्मिथ, ट्रैविस हेड, जोश इंग्लिस, जेक-फ्रेजर मैकगर्क, मार्नस लाबुशेन, ग्लेन मैक्सवेल जैसे बल्लेबाज किसी भी परिस्थिति में मैच का पासा पलटने में सक्षम हैं।

कमजोर पक्ष: ऑस्ट्रेलिया अपने तीन प्रमुख तेज गेंदबाजों पैट कमिंस, जोश हेजलवुड और मिशेल स्टार्क के बिना खेलेगा जिससे उसका आक्रमण कमजोर हो गया है। ऐसी स्थिति में उसके बल्लेबाजों को अतिरिक्त जिम्मेदारी उठानी पड़ेगी।

अवसर: ऑस्ट्रेलिया के पास 50 ओवर के प्रारूप में अपना दबदबा बनाए रखने का मौका है और वह इसमें कोई कसर नहीं छोड़ेगा। उसके खिलाड़ी खेल की परिस्थितियों के अनुसार खेलने में माहिर हैं और टीम का पिछला रिकॉर्ड उनके लिए प्रेरणा का काम करेगा। 

खतरा: ऑस्ट्रेलिया को हाल में श्रीलंका से दो वनडे मैच की सीरीज में 0–2 से हार सामना करना पड़ा था। लाबुशेन और मैकगर्क की खराब फॉर्म उसके लिए चिंता का विषय होगी। 

साउथ अफ्रीका

मजबूत पक्ष: भारत की तरह दक्षिण अफ्रीका के पास भी विविधता पूर्ण खिलाड़ी हैं। उसके पास टेम्बा बावुमा और एडेन मार्करम जैसे पारी संवारने वाले तथा हेनरिक क्लासेन और डेविड मिलर जैसे आक्रामक बल्लेबाज हैं। उसके पास तेज गेंदबाज कैगिसो रबाडा और स्पिनर केशव महाराज के नेतृत्व में एक संतुलित गेंदबाजी इकाई है। उन्हें परिस्थितियों से निपटने में सक्षम होना चाहिए। 

कमजोर पक्ष: साउथ अफ्रीका मजबूत टीम होने के बावजूद हाल में पाकिस्तान से महत्वपूर्ण मैच में हारने के कारण त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल में जगह नहीं बना पाया था। वह पहले भी कई अवसरों पर महत्वपूर्ण मैच जीतने में नाकाम रहा है। इसके अलावा उसे तेज गेंदबाज एनरिक नोर्किया की कमी भी खलेगी जो चोटिल होने के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। 

अवसर: साउथ अफ्रीका का महत्वपूर्ण मैच में खराब प्रदर्शन करने का रिकॉर्ड रहा है। उसके पास इससे निजात पाने का -बहुत अच्छा मौका है। खतरा: ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान उसकी राह में बाधा डाल सकते हैं। इससे बचने के लिए साउथ अफ्रीका को अपने गेंदबाजों से बेहतर प्रदर्शन की जरूरत होगी, जो हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ 350 से अधिक के लक्ष्य का बचाव करने में विफल रहे थे। 

इंग्लैंड और अफगानिस्तान

इंग्लैंड और अफगानिस्तान भी सेमीफाइनल में जगह बना सकती हैं लेकिन दोनों टीमों की हालिया फॉर्म उन्हें प्रबल दावेदार की रेस में काफी पीछे कर देती है। अफगानिस्तान की टीम वनडे में पर्याप्त मैच अभ्यास के बिना चैंपियंस ट्रॉफी में उतर रही है। वहीं, इंग्लैंड के बल्लेबाज हाल में भारत के खिलाफ स्पिनरों के सामने जूझते हुए नजर आए। इंग्लैंड ने तीन मैच की सीरीज में सभी मैच गंवाए। रूट और बटलर को छोड़कर उसका कोई भी बल्लेबाज स्पिन गेंदबाजों के सामने सहज नजर नहीं आया। 

(Input- PTI)

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