भारत के स्टार बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने घरेलू क्रिकेट में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है। पडिक्कल ने 12 जनवरी को जारी विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में उन्होंने ऐसा ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया, जो आज तक कोई भी बल्लेबाज नहीं बना सका। पडिक्कल विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में दो अलग-अलग सीजन में 700 से ज्यादा रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। यह खास उपलब्धि उन्होंने बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड पर मुंबई के खिलाफ खेले गए क्वार्टरफाइनल मुकाबले के दौरान हासिल की। इस मैच से पहले इस सीजन में 700 रन पूरे करने के लिए उन्हें 60 रनों की जरूरत थी, जिसे उन्होंने कर्नाटक की पारी के 24वें ओवर में पूरा कर लिया।
मुंबई के खिलाफ नाबाद 81 रनों की मैच जिताऊ पारी खेलते हुए उन्होंने एक अलग ही मुकाम हासिल कर लिया। विजय हजारे ट्रॉफी में इससे पहले कई बल्लेबाज एक सीजन में 700 से ज्यादा रन बना चुके हैं, लेकिन दो बार यह आंकड़ा पार करने वाला खिलाड़ी अब तक कोई नहीं था। इससे पहले पडिक्कल ने 2020-21 सीजन में कर्नाटक के लिए 7 पारियों में 737 रन बनाए थे। एक सीजन में 700 से अधिक रन बनाने वालों की सूची में मयंक अग्रवाल, पृथ्वी शॉ, नारायण जगदीशन और करुण नायर जैसे नाम शामिल हैं, लेकिन दो अलग-अलग संस्करणों में यह कारनामा करने वाले अकेले बल्लेबाज अब देवदत्त पडिक्कल हैं।
पडिक्कल अब विजय हजारे ट्रॉफी के एक और बड़े रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। वह नारायण जगदीशन के एक सीजन में बनाए गए सर्वाधिक 830 रनों के रिकॉर्ड को तोड़ने की दहलीज पर खड़े हैं। टूर्नामेंट में अभी उनके पास कुछ मैच बाकी हैं और वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने की ओर बढ़ रहे हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में पडिक्कल का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। अब तक वह चार शतक और दो अर्धशतक जड़ चुके हैं। उन्होंने टूर्नामेंट की शुरुआत झारखंड के खिलाफ 118 गेंदों में 147 रन की धमाकेदार पारी से की थी। इसके बाद केरल के खिलाफ उन्होंने 124 रन बनाए। तमिलनाडु के खिलाफ 22 रन पर आउट होने के बाद भी पडिक्कल का आत्मविश्वास नहीं डगमगाया। उन्होंने पुडुचेरी और त्रिपुरा के खिलाफ लगातार दो मैचों में 113 और 108 रन की शानदार शतकीय पारियां खेलीं। राजस्थान के खिलाफ वह 91 रन बनाकर शतक से चूक गए, जबकि मध्य प्रदेश के खिलाफ 35 रन बनाए। इसके बाद मुंबई के खिलाफ क्वार्टरफाइनल में नाबाद 81 रन की पारी खेलकर उन्होंने इतिहास रच दिया।
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