IND vs ENG, 2nd Test: भारत और इंग्लैंड के बीच जारी टेस्ट सीरीज़ के पहले मैच में करारी शिकस्त के बाद टीम इंडिया की अगली प्लेइंग इलेवन को लेकर चर्चाएं जोर पकड़ चुकी हैं। हार के बाद सबसे पहले उंगली टीम संयोजन पर उठती है और इस बार भी कुछ अलग नहीं हुआ। खासतौर पर ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। डेढ़ साल बाद टेस्ट टीम में लौटे शार्दुल पहले टेस्ट में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके।
पहले टेस्ट में शार्दुल ने पहली पारी में मात्र 6 ओवर और दूसरी में 10 ओवर गेंदबाजी की, लेकिन कोई खास असर नहीं छोड़ा। बल्लेबाजी में भी उनका प्रदर्शन फीका रहा और दोनों पारियों को मिलाकर वे केवल 5 रन ही बना सके। ऐसे में क्रिकेट के जानकार रहे हैं कि दूसरे टेस्ट में उनकी जगह किसी स्पेशलिस्ट और असरदार गेंदबाज को मौका दिया जाना चाहिए।
पहले टेस्ट में जसप्रीत बुमराह भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में इकलौते ऐसे खिलाड़ी रहे, जिन्होंने इंग्लैंड को परेशान किया। हालांकि दूसरी पारी में वे भी विकेट से महरूम रहे। बुमराह को दूसरे छोर से कोई सहयोग नहीं मिला, जिससे भारतीय गेंदबाजी बेहद कमजोर नजर आई। इसी कारण दूसरे टेस्ट में गेंदबाजी विभाग में बदलाव की उम्मीद की जा रही है।
कुलदीप यादव की हो सकती है एंट्री
लीड्स टेस्ट से पहले भी कुलदीप यादव को अंतिम एकादश में शामिल करने की मांग उठी थी। अब बर्मिंघम में खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट की पिच स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल मानी जा रही है, ऐसे में कुलदीप की वापसी लगभग तय मानी जा रही है। पूर्व भारतीय कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने कहा कि चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरने का कोई तुक नहीं है। कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलनी चाहिए। शार्दुल या प्रसिद्ध कृष्णा में से किसी एक को बाहर बैठना होगा।
मांजरेकर ने भी की बदलाव की मांग
पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने भी बदलाव की जरूरत जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें यह कहते हुए अफसोस हो रहा है, लेकिन शार्दुल ठाकुर को बाहर करना होगा। कुलदीप यादव को टीम में लाना ही होगा। अगर हम इस टेस्ट को जीतना चाहते हैं, तो हमें परिस्थितियों के अनुसार अपने सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमण के साथ उतरना होगा। उन्होंने नीतीश कुमार रेड्डी को लेकर भी कहा कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन इंग्लैंड जैसी जगह पर वह चौथे तेज गेंदबाज के रूप में उपयुक्त विकल्प नहीं हैं। इसलिए टीम मैनेजमेंट को अब सख्त और रणनीतिक फैसले लेने होंगे।
(PTI Inputs)