India vs England Test Series: आईपीएल 2025 खत्म होने के बाद भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर जाएगी, जहां वह पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। इसके लिए भारतीय टेस्ट टीम का ऐलान हो चुका है, जिसमें कप्तानी की जिम्मेदारी शुभमन गिल को मिली है और ऋषभ पंत को उपकप्तान बनाया गया है। स्क्वाड में युवा और अनुभवी प्लेयर्स को शामिल किया गया है। ऐसे में गिल के कंधों पर इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट सीरीज जिताने की जिम्मेदारी होगी।
3 भारतीय कप्तान ही भारत को इंग्लैंड में जिता पाए टेस्ट सीरीज
भारत ने इंग्लैंड की धरती पर पहला टेस्ट मैच साल 1932 में खेला था, जिसमें टीम इंडिया को 158 रनों से हार का मुंह देखना पड़ा था, तब टीम इंडिया के कैप्टन सीके नायडू थे। 1932 से लेकर अब तक भारतीय टीम सिर्फ तीन बार इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट सीरीज जीत पाई है। 1971 में अजीत वाडेकर की कप्तानी में, 1986 में कपिल देव की कप्तानी में और 2007 में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती है। खास बात ये है कि इनमें महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली के नाम शामिल नहीं हैं।
1. अजीत वाडेकर
साल 1971 में अजीत वाडेकर की कप्तानी में भारतीय टीम ने इंग्लैंड दौरे पर तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेली थी। इस सीरीज को भारतीय टीम ने 1-0 से जीता था। सीरीज के पहले दो टेस्ट मैच ड्रॉ रहे थे। इसके बाद तीसरे टेस्ट में भागवत चंद्रशेखर ने शानदार गेंदबाजी की थी। उन्होंने मैच में कुल 8 विकेट हासिल किए थे और टीम को मैच जिताया था।
2. कपिल देव
साल 1986 में कपिल देव की कप्तानी में भारतीय टीम ने इंग्लैंड दौरे पर तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेली थी। सीरीज के पहले दो मैचों में कपिल देव और दिलीप वेंगसरकर ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसी वजह से इंग्लैंड को पहले मैच में 5 विकेट से और दूसरे मैच में 279 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। जबकि तीसरा टेस्ट मैच ड्रॉ रहा था और टीम इंडिया ने टेस्ट सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली थी।
3. राहुल द्रविड़
साल 2007 में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में भारतीय टीम ने इंग्लैंड दौरे पर तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेली थी। तब पहला और तीसरा टेस्ट मैच ड्रॉ रहे थे। वहीं दूसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने 7 विकेट से जीत दर्ज की थी। इस मैच में जहीर खान टीम के लिए सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे थे। उन्होंने मैच में कुल 9 विकेट लेकर टीम को मैच जिताया था। इस तरह से टीम इंडिया टेस्ट सीरीज 1-0 से जीत गई थी।