श्रेयस अय्यर की कप्तानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब तक उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने पांच टी20 इंटरनेशनल मैच खेल लिए हैं, लेकिन एक में भी उन्हें जीत नहीं मिली है। चार हार के बाद अब श्रेयस आलोचकों के निशाने पर हैं। इस बीच न केवल कप्तानी को लेकर बल्कि बल्लेबाजी में भी उनका वो जलवा नहीं दिख रहा है, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। उनका बल्ला भी पूरी तरह से खामोशी ओढ़े हुए है। ऐसे में उन्हें दोहरी मेहनत करनी होगी, तभी बात बनेगी।
आयरलैंड सीरीज से शुरू हुआ था श्रेयस का कप्तानी का सिलसिला
आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज से श्रेयस अय्यर को कप्तानी सौंपी गई थी। अपनी कप्तानी के पहले ही मैच में श्रेयस केवल तीन रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बाद उसी सीरीज के दूसरे मैच में उनके बल्ले से केवल दो रन निकले। आयरलैंड जैसी कमजोरी मानी जाने वाली टीम के खिलाफ भी श्रेयस दो मैचों में 13 ही रन बना सके।
इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में श्रेयस ने खेली थी अर्धशतकीय पारी
इसके बाद आती है इंग्लैंड सीरीज की बारी। इंग्लैंड के खिलाफ श्रेयस अय्यर ने 68 रनों की एक अच्छी पारी खेली थी। इस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 189 रनों का स्कोर खड़ा किया था, लेकिन इससे पहले कि इंग्लैंड की बल्लेबाजी शुरू होती, बारिश आ गई और मैच रद कर दिया गया। इसके बाद इसी सीरीज के दूसरे मैच में वे 37 रन बना सके और तीसरे में केवल 5 रन बनाकर आउट हो गए। यानी पिछले पांच मैचों में कप्तानी करते हुए श्रेयस ने अदद एक अर्धशतक लगाया है, बाकी वे सस्ते में आउट होते रहे।
अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में भी रहे फ्लॉप
इसे पहले श्रेयस अय्यर को अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में भी मौका मिला था। तब वे शुभमन गिल की कप्तानी में खेल रहे थे। तब वे पहले मैच में 12 रन बना सके। दूसरे में उनके बल्ले से 26 रन और तीसरे में वे 20 रन बनाकर नाबाद रहे। यानी उन तीन मैचों की वनडे सीरीज में भी वे एक अर्धशतक तक नहीं लगा पाए। याद रखिएगा कि उस सीरीज में श्रेयस कप्तान नहीं थे। इसके बाद भी बल्ले से फ्लॉप रहे थे।
टीम को जीत दिलाना और खुद रन बनाना होगा
अब श्रेयस की जिम्मेदारी केवल टीम को जीत दिलाना ही नहीं, बल्ले से रन भी बनाने होंगे। कप्तानी में तो सूर्यकुमार यादव भी कुछ खराब नहीं कर रहे थे। उन्होंने अपनी टीम को टी20 विश्व कप का खिताब जिताया था, लेकिन वे टीम से इसलिए बाहर किए गए, क्योंकि रन नहीं बना पा रहे थे। श्रेयस को इस बात का भी ख्याल रखना होगा। नहीं तो जिस तरह से पहले वे टीम से तीन साल तक बाहर रहे, वो फिर से हो जाए तो कोई बड़ी बात नहीं होगी।
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