इंग्लैंड और भारत के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला लीड्स में खेला जा रहा है। इस मैच में भारतीय टीम की शुरुआत बेहद शानदार रही थी। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल और ऋषभ पंत की शतकीय पारी के बदौलत 471 रन बना दिए। इसके बाद गेंदबाजी में भी टीम इंडिया के खिलाड़ियों से इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन यहां बुमराह ने छोड़कर बाकी सभी ने निराश किया। इंग्लैंड की बल्लेबाजी के दौरान भारतीय फील्डर्स का प्रदर्शन भी बेहद खराब रहा। उन्होंने एक दो नहीं बल्कि पांच-पांच कैच छोड़े, जिसका खामियाजा पूरी टीम को भुगतना पड़ा। इन ड्रॉप्ड कैचों की वजह से भारत को 192 रनों का नुकसान हुआ। ऐसा कैसे हुआ आइए हम आपको समझाते हैं।
जायसवाल और जडेजा ने छोड़े आसान कैच
इंग्लैंड की टीम जब बैटिंग के लिए आई तब भारतीय टीम ने सबसे पहला कैच बेन डकेट का छोड़ा। उस वक्त डकेट 15 रन पर बैटिंग कर रहे थे और जडेजा ने उनका कैच ड्रॉप किया था। अंत में वह 62 रन बनाकर आउट हुए। ऐसे में यहां टीम इंडिया को 47 रनों का नुकसान हुआ। इसके बाद अगला कैच ओली पोप का यशस्वी जायसवाल ने छोड़ा। पोप उस वक्त 60 रन पर खेल रहे थे। जीवनदान मिलने के बाद पोप ने शतक लगा दिया और वह 106 रन बनाकर आउट हुए। यहां भी टीम इंडिया को 46 रनों का नुकसान उठाना पड़ा।
ब्रूक की वजह से भारत को हुआ 99 रनों का नुकसान
अगली गलती जसप्रीत बुमराह ने की। बुमराह ने हैरी ब्रूक को डक पर आउट कर ही दिया था, लेकिन वह गेंद नो बॉल हो गई। यहां इंग्लिश बल्लेबाज को एक जीवनदान मिला। इसके बाद भी ब्रूक को दो जीवनदान और मिले। जब ब्रूक 46 रन पर खेल रहे थे, तब ऋषभ पंत ने विकेट के पीछे उनका कैच छोड़ा। इसके बाद 82 रन के निजी स्कोर पर ब्रूक को एक मौका मिला जब बुमराह की गेंद पर जायसवाल ने उनका एक और कैच छोड़ा। आखिर में वह 99 रन बनाकर प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर आउट हुए। इस तरह से भारतीय टीम को यहां भी 99 रन का नुकसान हुआ। कुल मिलाकर देखें तो पांच कैच और एक नो बॉल की वजह से शुभमन गिल की टीम को 192 रन का नुकसान झेलना पड़ा। अगर ये कैच पकड़े जाते तो भारतीय टीम के पास बड़ी बढ़त होती।
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