Wiaan Mulder Record: जहां एक ओर भारतीय टीम का कप्तान बनते ही शुभमन गिल ने बल्ले से कहर बरपा दिया है, वहीं दूसरी ओर साउथ अफ्रीका के नए कप्तान वियान मुल्डर ने भी नया इतिहास रचने का काम किया है। हालांकि वे परमानेंट कप्तान तो नहीं हैं, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने जो पारी खेली है, उसने कई सारे कीर्तिमान तोड़ने का काम किया है। जब पूरी टीम ने मिलकर 500 से कुछ अधिक स्कोर बनाया था, तब अकेले वियान मुल्डर 300 रन पूरे कर चुके थे। साउथ अफ्रीका के टेस्ट इतिहास में केवल एक ही बार ऐसा हुआ था, जब किसी बल्लेबाज ने तिहरा शतक लगाया हो, अब वियान मुल्डर के रूप में टीम को दूसरा तिहरा शतक लगाने वाला बल्लेबाज मिल गया है।
टेस्ट में तिहरा शतक लगाने वाले कप्तान बने वियान मुल्डर
साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जा रही है। सीरीज का पहला मुकाबला साउथ अफ्रीका ने अपने नाम किया था। इस सीरीज के दूसरे मैच के लिए वियान मुल्डर को साउथ अफ्रीका ने अपना कप्तान बनाया है। दूसरे टेस्ट में वियान ने शानदार तिहरा शतक लगा दिया है। कप्तान के तौर पर बहुत कम बल्लेबाज ऐसे हुए हैं, जिन्होंने तिहरा शतक लगाया है। साउथ अफ्रीका के लिए वे ऐसा करने वाले पहले कप्तान बन गए हैं। इससे पहले साल 2012 में द ओवल में हाशिम अमला ने तिहरा शतक लगाया था, लेकिन वे कप्तान नहीं थे। वियान ने कप्तान के तौर पर तिहरा शतक लगाने का काम किया है। अब मुल्डर साउथ अफ्रीका के लिए टेस्ट में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन हैं। हाशिम अमला ने 311 रन बनाए थे, अब मुल्डर उनसे आगे निकल गए हैं।
वियान मुल्डर ने टेस्ट में लगाया सबसे तेज तिहरा शतक
वियान मुल्डर ने दूसरा सबसे तेज तिहरा शतक लगाने का काम किया है। इस बीच भारत के वीरेंद्र सहवाग का रिकॉर्ड बाल बाल बच गया। वीरेंद्र सहवाग ने साल 2008 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ केवल 278 बॉल पर तिहरा शतक लगाया था, अब वियान मुल्डर की बात करें तो उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ 297 बॉल पर तिहरा शतक पूरा कर लिया है। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैरी ब्रूक हैं, जिन्होंने साल 2024 में पाकिस्तान के खिलाफ 310 बॉल पर तिहरा शतक लगाया था।
कप्तानी के डेब्यू में ही तिहरा शतक लगाने वाले पहले कप्तान भी बने
वियान मुल्डर अपनी कप्तानी के डेब्यू में ही तिहरा शतक लगाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। सीरीज के पिछले मैच में साउथ अफ्रीका की कप्तानी केशव महाराज कर रहे थे, लेकिन दूसरे मैच से पहले वे चोटिल हो गए और इसके बाद वियान मुल्डर को कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई। इस मौके का फायदा मुल्डर ने ठीक से उठाया और जो काम आज तक दुनिया का कोई भी कप्तान नहीं कर पाया, वो काम मुल्डर ने कर दिखाया है।