दिल्ली: सिर्फ 12 साल के दक्ष जोशी ने अपनी धरती से लांस एंजिल्स अमेरिका जाकर आॅलम्पिक वर्ल्ड समर गेम्स में 500 मीटर साइकिल रेस में दूसरा स्थान पाकर रजत पदक और 01 किलोमीटरकी रेस में काॅस्य पदक जीत कर कामयाबी का परचम ही नहीं लहराया बल्कि देश के तिरंगे का गौरव भी बड़ा दिया है।
इस जीत पर यकीन करना किसी सपने से कम नहीं है,क्योंकि दक्ष कुदरती रूप से कुछ मानसिक कमज़ोर है। लेकिन उसके हौसले कमज़ोर नहीं है। इस सबके बावजूद भी दक्ष ने परिवार के साथ ही देश का नाम भी रोशन कर दिया है। उसके ज़ज़्बे को सलाम, अब वो उत्तराखंड के साइकिल रेसलिंग का हीरो हो गया है।
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर ज़िले के छोटे से गॉव शान्तिपुरी का रहने वाला दक्ष जोशी अभी 12 साल का ही है। उसके पिता ललित मोहन जोशी अपने मंद बुद्धि बेटे की इस उड़ान से काफी खुश है। दक्ष ने दुनिया के सबसे ताकतवर देश में जीत की मशाल जला दी है। रेसलिंग में जीत का उसका सपना पूरा हो गया है।
दक्ष ने साइकिल में रेस की उड़ान में भले ही उसने दूसरा नंबर पाया हो, लेकिन उत्तराखंड का चमकता सितारा बन गया है। साइकिलिंग रेस में उसने भारत का प्रतिनिधित्व किया। दक्ष ने दुनिया को यह दिखा दिया है कि वो भले ही वो मानसिक रूप से कमज़ोर है। लेकिन उसके हौसले कमज़ोर नहीं है।
दक्ष के लांस एंजिल्स में रेसलिंग में रजत और काॅस्य पदक जीत कर आने पर ऊधम सिंह नगर ज़िले के जिलाधिकारी डा० पंकज कुमार पाण्डेय ने अपने कार्यालय में दक्ष जोशी को सम्मानित किया। साथ ही इस जीत के लिये बधाई देते हुए उसके उज्जवल भविष्य की कामना भी की।
जिलाधिकारी डा० पंकज कुमार पाण्डेय ने कहा कि दक्ष जोशी की इस उपलब्धि से देश का नाम ही रोशन नही हुआ है बल्कि उत्तराखण्ड देव भूमि का गौरव भी बढा है। दक्ष जोशी 06 अगस्त को अपनी माँ श्रीमती लता जोशी और पापा ललित मोहन जोशी के साथ अमेरिका से भारत वापस आये है।
दक्ष की इस उपलब्धि से सभी लोगो ने ख़ुशी का इजहार किया है । पूर्व दर्जा राज्य मंत्री गणेश उपाध्याय ने दक्ष की इस उपलब्धि पर मिठाई बांटकर बधाई दी । श्री उपाध्याय ने बताया कि दक्ष को शीघ्र ही प्रदेष के राजस्व मंत्री श्री यशपाल आर्य से भी सम्मानित कराया जायेगा।
खबर इण्डिया टी वी डॉट कॉम ने दक्ष के लांस एंजिल्स जाने पर उसकी प्रतिभा को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अब दक्ष ने देश को अपनी दक्षता दिखा कर सोने की मानिंद अपनी चमक बिखेर दी है। उसकी जीत को सलाम,उसके बढ़ाये गौरव को सलाम।