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डेविस कप 2018: नोवाक जोकोविच के बिना खेल रहे सर्बिया को हराकर उलटफेर करने उतरेगा भारत

 Written By: India TV Sports Desk
 Published : Sep 13, 2018 03:09 pm IST,  Updated : Sep 13, 2018 03:09 pm IST

डेविस कप में भारतीय खिलाड़ियों का कुल अनुभव 43 मुकाबलों का है।

Novak Djokovic- India TV Hindi
Novak Djokovic Image Source : GETTY IMAGES

भारत की कमजोर डेविस कप टीम शुक्रवार से स्टार खिलाड़ियों के बिना उतर रही सर्बिया के खिलाफ विश्व ग्रुप प्ले ऑफ टेनिस मुकाबले में उतरेगी तो उसकी नजरें उलटफेर करने पर टिकी होंगी। हाल में अमेरिकी ओपन चैंपियन बने नोवोक जोकोविच और दुनिया के 33वें नंबर के खिलाड़ी फिलिप क्राजिनोविच ने प्ले ऑफ में नहीं खेलने का फैसला किया है जिससे दोनों टीमों के बीच बराबरी के मुकाबले की उम्मीद जगी है। भारतीय टीम के लिए हालांकि विदेशी सरजमीं पर खेलना आसान नहीं होगा जो यहां अपने शीर्ष एकल खिलाड़ी युकी भांबरी और एशियाई खेलों के पुरुष युगल के स्वर्ण पदक विजेता दिविज शरण के बिना आई है। 

भारतीय खिलाड़ियों का हालांकि डेविस कप मुकाबलों में खेलने का कुल अनुभव 43 मुकाबलों का है जबकि घरेलू टीम का यह अनुभव सिर्फ 14 मुकाबलों का है जिसका फायदा मेहमान टीम उठाने की कोशिश करेगी। चोटिल युकी की गैरमौजूदगी में काफी कुछ बायें हाथ के प्रजनेश गुणेश्वरन पर निर्भर करेगा जो एशियाई खेलों के पुरुष एकल के कांस्य पदक विजेता हैं। 

प्रजनेश ने चीन के स्टार यिबिंग वू के खिलाफ पांचवां और निर्णायक मैच जीतकर भारत को लगाता पांचवें साल विश्व ग्रुप प्ले ऑफ में जगह दिलाने में मदद की थी। प्रजनेश ने दबाव को झेलने की मानसिक मजबूती दिखाई है और वो इंडोर क्ले कोर्ट पर होने वाले इस मुकाबले को लेकर आश्वस्त हैं। प्रजनेश ने कहा, ‘‘नोवाक नहीं खेल रहे तो अगर हम अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो सभी को हराया जा सकता है। निश्चित तौर पर ये मुश्किल होगा लेकिन हमारे पास मौका है।’’ दुनिया के 135वें नंबर के खिलाड़ी रामकुमार रामनाथन ने पिछले 12 महीने में कुछ बड़ी जीत दर्ज की हैं लेकिन उनके प्रदर्शन में निरंतरता की कमी है। 

जकार्ता में वो ऐसे खिलाड़ी से हार गए जिसकी रैंकिंग 400 से भी कम है। सर्बिया की अगुवाई दुसान लाजोविच करेंगे जिन्होंने मैड्रिड मास्टर्स में अमेरिकी ओपन के फाइनल में जगह बनाने वाले दुनिया के चौथे नंबर के खिलाड़ी जुआन मार्टिन डेल पोत्रो को हराया था। रामकुमार भी अतीत में दुनिया के 56वें नंबर के खिलाड़ी लाजोविच को हरा चुके हैं। मेजबान टीम के दूसरे एकल खिलाड़ी 86वें नंबर के लास्लो जेयर हैं। लास्लो को डेविस कप में खेलने का अधिक अनुभव नहीं है और वो इससे पहले सिर्फ दो मुकाबलों में खेले हैं। 

सर्बिया की टीम के बाकी खिलाड़ियों पेदजा कर्स्टिन, निकोला मिलोजेविच और डेनिलो पेत्रोविच ने कुल दो मुकाबले खेले हैं। भारतीय टीम के गैर खिलाड़ी कप्तान महेश भूपति ने कहा, ‘‘हमारी संभावनाओं में कोई बदलाव नहीं आया है।’’ रोहन बोपन्ना सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं जिन्होंने 29 मुकाबले खेले हैं। बोपन्ना को अपने अनुभव के दम पर सुनिश्चित करना होगा कि भारत को युगल मैच से अंक मिले। पिछले साल वो और एन श्रीराम बालाजी उज्बेकिस्तान के खिलाफ अच्छा खेले थे। 

इंडोर सुविधाओं पर भारतीय कोच जीशान अली ने कहा कि ये काफी अलग होंगी। जीशान ने कहा, ‘‘अच्छी चीज ये है कि टेनिस का स्तर बेहतर होगा और सूरज तथा हवा जैसी बाहरी चीजें प्रभावित नहीं करेंगी। इंडोर क्ले हमारे लिए थोड़ा असमान्य है क्योंकि हमारे खिलाड़ी बामुश्किल इन हालात में कोई टूर्नामेंट खेलते हैं।’’ प्रजनेश ने कहा कि हालात उनकी टीम के अनुकूल होंगे। 

भारत ने 1927 से सर्बिया को नहीं हराया है। तब मेजबान देश को युगोस्लाविया कहा जाता था और संभावना है कि रविवार को ये आंकड़ा बदल सकता है। अगर ऐसा हुआ तो भारत 2011 के बाद पहली बार विश्व ग्रुप में जगह बनाएगा जब उसे 16 देशों के एलीट वर्ग के पहले दौर में सर्बिया के खिलाफ ही हार का सामना करना पड़ा था। 

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