बीजिंग: भारत के अग्रणी चक्का फेक एथलीट विकास गौड़ा गुरुवार को यहां जारी विश्व एथलेटिक्स चैम्पिनयशिप के फाइनल में पहुंच गए। गौड़ा ने लगातार तीसरी बार इस चैम्पियनशिप के फाइनल में जगह बनाई है। एशियाई खेलों में भारत के लिए पदक जीतने वाले गौड़ा ने क्वालीफाइंग में 63.86 मीटर की दूरी नापी। वह हालांकि ऑटोमेटिक क्वालीफिकेशन के लिए जरूरी 65 मीटर की दूरी नहीं नाप सके लेकिन क्वलीफिकेशन में शामिल 30 एथलीटों में सातवें स्थान पर रहे।
गौड़ा ने ग्रुप-ए में चौथा स्थान हासिल किया। 65 की दूरी नापने वाले सिर्फ दो एथलीट रहे। फाइनल में कुल 12 एथलीट शामिल हैं, जिनमें से 10 का चयन बेहतर दूरी के आधार पर किया गया है।
अमेरिका में रहकर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले गौड़ा ने पहले ही प्रयास में यह दूरी नापी। दूसरे प्रयास में 63.83 मीटर चक्का फेकने में सफल रहे। तीसरे प्रयास में वह फाउल कर बैठे।
ग्रुप-ए से जमैका के फ्रेडरिक डेकरेस ने सबसे अधिक 65.77 मीटर दूरी नापी। मास्को में रजत पदक जीतने वाले पोलैंड के पियोत मालाचियोस्की ने 65.59 मीटर दूरी नापी और ऑटोमेटिक क्वालीफिकेशन पाने वाले डेकरेस के बाद दूसरे एथलीट रहे।
ग्रुप-बी से कोई भी एथलीट 65 मीटर के मार्क को पार नहीं कर सका। ग्रुप-ए से सात और ग्रुप-बी से पांच एथलीटों को फाइनल में जगह मिली।
गौड़ा ने इससे पहले दोएगू (2011) और मास्को (2013) में भी फाइनल में जगह बनाई थी। वह दाएगू और बर्लिन में फाइनल में सातवें स्थान पर रहे थे। लंदन ओलम्पिक में गौड़ा आठवें स्थान पर रहे थे।
इस सीजन में गौड़ा ने 65.75 मीटर की दूरी नापी है। वैसे उनका श्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन 2012 में सामने आया था, जब उन्होंने नार्मन में 6.28 मीटर की दूरी नापी थी।